जुबैल में जंगली और चारागाह पौधों के बीज बिखेरने की शुरुआत
राष्ट्रीय वनस्पति कवर विकास केंद्र ने जुबैल में जंगली और चारागाह पौधों के बीज बिखेरने का कार्य शुरू किया है, जो प्राकृतिक चारागाहों के पुनर्वास की तीसरी पहल का हिस्सा है।
मुख्य बिंदु
AIराष्ट्रीय वनस्पति कवर विकास और मरुस्थलीकरण नियंत्रण केंद्र ने आज पूर्वी प्रांत की जुबैल में जंगली और चारागाह पौधों के बीज बिखेरने का कार्य शुरू किया। यह पहल प्राकृतिक चारागाहों के पुनर्वास के तीसरे चरण के तहत बीज बिखेरने और वर्षा जल संचयन के साथ-साथ 2026 के राष्ट्रीय वृक्षारोपण सीजन के तहत की जा रही है।
इस पहल का उद्देश्य वनस्पति कवर को बढ़ाना, क्षतिग्रस्त भूमि को पुनर्स्थापित करना, प्राकृतिक चारागाहों का पुनर्वास करना और पर्यावरणीय स्थिरता को मजबूत करना है। यह सभी राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है, जिनका मकसद प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और उनकी स्थिरता को समर्थन देना है।
केंद्र प्रभावी तरीकों पर निर्भर करता है, जिनमें हर क्षेत्र की पर्यावरणीय विशेषताओं के अनुसार स्थानीय बीजों का सीधा बिखेरना शामिल है। लक्षित स्थलों का चयन सटीक मानकों के आधार पर किया जाता है, जिससे पुनर्वास कार्यों की सफलता सुनिश्चित हो सके, पौधों की आनुवंशिक विविधता को संरक्षित किया जा सके और उन्हें विभिन्न जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल बनाया जा सके।
गौरतलब है कि केंद्र देश के विभिन्न क्षेत्रों में वनस्पति कवर के स्थलों के विकास, सुरक्षा और निगरानी के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। साथ ही, वह चारागाह, वन और राष्ट्रीय उद्यानों की देखरेख भी करता है, ताकि पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली और राष्ट्रीय विकास तथा पर्यावरणीय लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित हो सके।
