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शनिवार, 25 जुलाई 2026 · रियाद
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सऊदी अरब

यमनी नेता सुल्तान अल-आरादा ने सऊदी और गठबंधन के समर्थन की सराहना की

यमनी राष्ट्रपति परिषद के सदस्य सुल्तान अल-आरादा ने सैन्य तैयारियों को बढ़ाने और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन की सराहना की।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 3 मिनट का पठन
सुल्तान अल-आरादा यमनी सैन्य नेताओं संग बैठक में

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यमनी राष्ट्रपति परिषद के सदस्य सुल्तान अल-आरादा ने सभी सैन्य और सुरक्षा इकाइयों में युद्धक तैयारियों को बढ़ाने और रक्षा व संचालन क्षमताओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि प्रदर्शन की दक्षता बढ़ाई जा सके और मौजूदा हालात की मांगों को पूरा किया जा सके।

यह बात उन्होंने आज रक्षा मंत्री ताहिर अल-उकैली और चीफ ऑफ स्टाफ व संयुक्त अभियान कमांडर सगीर बिन अजीज से मुलाकात के दौरान कही। बैठक में मअरिब में अरब गठबंधन के कमांडर फारेस अल-शम्मरी भी मौजूद थे। इसमें सैन्य और मैदानी हालात, तैयारियों के स्तर और विभिन्न मोर्चों पर संचालन योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

अल-आरादा ने कहा कि यमनी जनता और उसकी सशस्त्र सेनाओं द्वारा वर्षों से लड़ी जा रही राष्ट्रीय लड़ाई, गणराज्य की रक्षा और राष्ट्रीय मूल्यों व उपलब्धियों की सुरक्षा के लिए निर्णायक है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी सभी से पूरी लगन और दृढ़ता के साथ चुनौतियों का सामना करने, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मूल्यों को मजबूत करने तथा युद्धक और संचालन क्षमताओं के विकास की मांग करती है, ताकि जिम्मेदारियां पूरी तरह निभाई जा सकें और जनता की राज्य संस्थाओं की बहाली, विद्रोह और तख्तापलट को समाप्त करने तथा ईरान समर्थित हूती मिलिशिया द्वारा पैदा की गई मानवीय पीड़ा को खत्म करने की आकांक्षाएं पूरी हो सकें।

अल-आरादा ने हूती मिलिशिया के नियंत्रण वाले इलाकों के नागरिकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को युद्ध में झोंकने से इनकार करें और मिलिशिया को उन्हें अपनी विफल लड़ाइयों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति न दें, क्योंकि ये लड़ाइयां यमनी जनता के हित में नहीं हैं।

उन्होंने उन क्षेत्रों की सभी जनजातियों और परिवारों से अपने बच्चों की रक्षा करने, हूती भर्ती अभियानों से बचाने और उन्हें उस खूनी सांप्रदायिक परियोजना में शामिल होने से रोकने की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया, जिसने यमन को सिर्फ तबाही और पीड़ा दी है।

अल-आरादा ने कहा कि ईरान समर्थित हूती मिलिशिया का लगातार हठ और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहलों को ठुकराना इस बात का सबूत है कि वह सिर्फ युद्ध के रास्ते में विश्वास रखती है और अपने नियंत्रण वाले इलाकों में यमनी जनता की पीड़ा को जानबूझकर बढ़ा रही है, ताकि बाहरी एजेंडे को साधा जा सके।

अल-आरादा ने सऊदी अरब के नेतृत्व में गठबंधन द्वारा यमन को हर परिस्थिति में दिए जा रहे सच्चे भाईचारे और समर्थन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह समर्थन दोनों देशों के गहरे संबंधों और साझा भविष्य को दर्शाता है।

वहीं, रक्षा मंत्री ताहिर अल-उकैली और चीफ ऑफ स्टाफ सगीर बिन अजीज ने कहा कि सशस्त्र बल अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का कुशलता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि सैन्य संस्थान अपनी क्षमताओं को मजबूत करने और विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि देश की रक्षा की जा सके और ईरान समर्थित हूती संगठन की योजनाओं को विफल किया जा सके।

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