अलअमीन में सऊदी, मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्रियों की बैठक
अलअमीन शहर में गुरुवार को सऊदी, मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्रियों की दोस्ताना बैठक हुई, जिसमें क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की गई।
मुख्य बिंदु
AIगुरुवार को मिस्र के अलअमीन शहर में सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान, मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्दुलआती और तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान के बीच एक दोस्ताना बैठक हुई।
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में बताया कि इस बैठक में बदर अब्दुलआती, प्रिंस फैसल बिन फरहान और हाकान फिदान ने क्षेत्रीय हालात के ताज़ा घटनाक्रमों पर चर्चा की।
संक्षिप्त बयान में कहा गया कि मंत्रियों ने क्षेत्र में हालात की ताज़ा स्थिति पर विचार-विमर्श किया।
तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने मिस्र से गुरुवार को कहा कि अंकारा चाहती है कि काहिरा रियाद और इस्लामाबाद के साथ हुई रक्षा समझौते में शामिल हो। वहीं, मिस्री विदेश मंत्री बदर अब्दुलआती ने कहा कि इस कदम के लिए कानूनी और संवैधानिक पहलुओं का गहराई से अध्ययन किया जा रहा है।
तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने शुक्रवार को मक्का में 'मक्का रक्षा समझौता' किया था। यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्र में पांच महीने से जारी अमेरिकी-ईरानी युद्ध के असर महसूस किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय पक्ष प्रभावित हुए हैं और होर्मुज़ जलडमरूमध्य व लाल सागर में नौवहन बाधित हुआ है।
फिदान ने मिस्र यात्रा के दौरान अब्दुलआती के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हम चाहते हैं कि मिस्र हमारा आधिकारिक साझेदार बने।"
तुर्की के विदेश मंत्री ने आगे कहा, "हम उन्हें लगातार जानकारी देते रहे हैं, और इस समझौते पर विचार-विमर्श जारी है, वे इससे अवगत हैं, उन्होंने अपनी राय भी दी है और अब वे सभी पहलुओं का मूल्यांकन कर रहे हैं।"
वहीं, अब्दुलआती ने ज़ोर देकर कहा कि "मिस्र के सभी हस्ताक्षरकर्ता देशों के साथ द्विपक्षीय संबंध बेहद उत्कृष्ट हैं" और कहा, "हम तीनों साझेदार देशों के साथ पूरी तरह समन्वय में हैं।"
