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शनिवार, 25 जुलाई 2026 · रियाद
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सऊदी अरब

पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ, ईरान की हरकतों से नाराज़

पत्रकार अब्दुलरहमान हयात ने कहा है कि पाकिस्तान सऊदी अरब का समर्थन करता है और ईरान की नीतियों, खासकर हौथी मुद्दे पर, उससे असंतुष्ट है।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 2 मिनट का पठन
पाकिस्तान, सऊदी अरब और ईरान के झंडे

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पत्रकार अब्दुलरहमान हयात ने कहा कि पाकिस्तान इस्लामाबाद समझौते के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन वह ईरान की हरकतों, खासकर हौथी मामले में, से असंतुष्ट है और सऊदी अरब की कार्रवाइयों का समर्थन करता है।

हयात ने 'अल अरबिया एफएम' से बातचीत में बताया कि पाकिस्तान ने एक बार फिर क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों और अन्य मध्यस्थों के साथ मिलकर समाधान की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने कहा कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ था और यही दोनों पक्षों की वापसी के लिए आधार बन सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि बीते 10 दिनों में पाकिस्तान ने कूटनीतिक रास्ते और शांति प्रक्रिया को समर्थन देने के लिए पहले जैसी ठोस पहल नहीं की है, क्योंकि पाकिस्तान अब ईरान के साथ बिल्कुल अलग तरीके से पेश आ रहा है। इसी कारण हाल ही में ईरान के गृह मंत्री की इस्लामाबाद यात्रा असफल रही, क्योंकि उन्हें पाकिस्तान से ईरान के पक्ष में कोई बयान नहीं मिला।

पत्रकार ने बताया कि पाकिस्तान ने ईरान समर्थित हौथी मिलिशिया को पाकिस्तानी व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने पर सख्त चेतावनी दी है और सऊदी अरब की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए अपना समर्थन दोहराया है।

उन्होंने कहा कि ईरान ने शांति और उस समझौते का पालन नहीं किया, जिसे हासिल करने में इस्लामाबाद को तीन महीने से ज्यादा लगे थे, जिससे पाकिस्तान का समर्थन ईरान को नहीं मिल सका।

गौरतलब है कि ईरान ने हमेशा खाड़ी देशों पर हमले किए हैं, जबकि क्षेत्रीय देश अमेरिका-ईरान संघर्ष को सुलझाने की कोशिश करते रहे हैं। ईरान ने मध्यस्थों को मुश्किल में डालते हुए, पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए उस समझौते को भी तोड़ दिया, जो अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन की वार्ता और सभी लंबित मुद्दों के समाधान का रास्ता खोलने के लिए किया गया था।


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