सऊदी इस्लामी मामलों के मंत्रालय ने जिम्बाब्वे में इमामों की पहली प्रशिक्षण कार्यशाला पूरी की
सऊदी इस्लामी मामलों के मंत्रालय ने जिम्बाब्वे में 100 प्रतिभागियों के साथ इमामों, उपदेशकों और छात्रों के लिए पहली प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न की।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी इस्लामी मामलों और मार्गदर्शन मंत्रालय ने दक्षिण अफ्रीका स्थित अपने धार्मिक कार्यालय के माध्यम से जिम्बाब्वे में इमामों, खतीबों, उपदेशकों और छात्रों के लिए पहली वैज्ञानिक प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन किया। यह पांच दिवसीय कार्यशाला 100 प्रतिभागियों की भागीदारी के साथ आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य सही धार्मिक ज्ञान का प्रसार और मध्यमता व संतुलन के मूल्यों को मजबूत करना था।
कार्यशाला में इस्लामी आस्था, मध्यमता और संतुलन के सिद्धांत, कुरान और सुन्नत का महत्व, अतिवाद और कट्टरता से बचाव जैसे विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही प्रमुख धार्मिक मुद्दों की व्याख्या और प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए गए, जिससे उनकी धार्मिक और शैक्षिक योग्यता को बढ़ावा मिला।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य इमामों, खतीबों, उपदेशकों और छात्रों के शैक्षिक स्तर को ऊँचा उठाना, सही धार्मिक ज्ञान का प्रसार और कुरान-सुन्नत आधारित मध्यम मार्ग को मजबूत करना था, ताकि मुस्लिम समुदायों की सेवा और सहिष्णुता, सह-अस्तित्व और शांति के मूल्यों का प्रचार किया जा सके।
यह कार्यशाला सऊदी इस्लामी मामलों के मंत्रालय द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किए जा रहे उन शैक्षिक और धार्मिक कार्यक्रमों का हिस्सा है, जिनका मकसद सही आस्था का प्रचार, इमामों व उपदेशकों का प्रशिक्षण, मध्यमता के मार्ग को स्थापित करना और दुनिया भर में इस्लाम और मुसलमानों की सेवा में सऊदी अरब की भूमिका को उजागर करना है।
