सऊदी अरब में गिद्धों के लिए पहला राष्ट्रीय मार्गदर्शक जारी
राष्ट्रीय वन्यजीव विकास केंद्र ने पांच अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से गिद्धों के लिए पहला राष्ट्रीय मार्गदर्शक जारी किया, जिसका उद्देश्य गिद्धों की सुरक्षा और विषाक्तता के खतरे को कम करना है।
मुख्य बिंदु
AIराष्ट्रीय वन्यजीव विकास केंद्र ने आज घोषणा की कि उसने सऊदी अरब में गिद्धों के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय मार्गदर्शक विकसित किया है। यह मार्गदर्शक पांच अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ संस्थाओं के सहयोग से तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय और प्रवासी गिद्धों की सुरक्षा और उनके अस्तित्व के लिए सबसे बड़े खतरे—विषाक्तता—को कम करना है।
यह मार्गदर्शक गिद्धों के लिए 'गिद्ध रेस्तरां' कहे जाने वाले भोजन केंद्रों की स्थापना और प्रबंधन के लिए एक व्यावहारिक ढांचा प्रस्तुत करता है। इसमें सुरक्षित और नियंत्रित खाद्य स्रोत उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है, जिससे गिद्धों को विषाक्त पदार्थों, हानिकारक पशु दवाओं और अन्य प्रदूषकों के संपर्क में आने से बचाया जा सके। यह दस्तावेज़ वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं पर आधारित है और सऊदी अरब के शुष्क क्षेत्रों की पर्यावरणीय और लॉजिस्टिक विशेषताओं को ध्यान में रखता है।
इस मार्गदर्शक के विकास में गिद्धों और शिकारी पक्षियों की सुरक्षा में विशेषज्ञता रखने वाली कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ शामिल रहीं, जिनमें इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर की गिद्ध विशेषज्ञ समूह, एशिया में गिद्धों के संरक्षण की SAVE पहल, रॉयल सोसाइटी फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ बर्ड्स (RSPB), प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण संबंधी समझौता (CMS) और अफ्रीका-यूरेशिया प्रवासी शिकारी पक्षियों के लिए समझौता शामिल हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय अनुभवों का लाभ उठाकर एक व्यावहारिक राष्ट्रीय ढांचा तैयार किया गया है।

व्यावहारिक स्तर पर, यह मार्गदर्शक भोजन केंद्रों के लिए तकनीकी और संचालन संबंधी आवश्यकताएँ निर्धारित करता है—जैसे उपयुक्त स्थानों का चयन, सुरक्षित खाद्य स्रोत, संचालन की प्रक्रिया, निगरानी और गिद्धों की संख्या व व्यवहार का दस्तावेजीकरण। इससे इन केंद्रों के प्रभाव का मूल्यांकन और संरक्षण के प्रयासों की दक्षता बढ़ाई जा सकेगी।
ये केंद्र प्रवासी गिद्धों के लिए भी अहम भूमिका निभा सकते हैं, जो अपने मौसमी प्रवास के दौरान सऊदी अरब से गुजरते हैं। ऐसे केंद्र उन्हें यात्रा जारी रखने से पहले सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराएंगे।

गौरतलब है कि सऊदी अरब ने प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण संबंधी समझौता मंच के माध्यम से इस मार्गदर्शक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाई है। इसे गिद्धों की सुरक्षा के लिए व्यावहारिक समाधान विकसित करने के क्षेत्र में एक अग्रणी अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह केंद्र के जैव विविधता संरक्षण, संकटग्रस्त प्रजातियों की रक्षा, प्राकृतिक आवासों के पुनर्वास, वैज्ञानिक शोध और पर्यावरणीय निगरानी के प्रयासों का हिस्सा है, जिससे अनुभवों का आदान-प्रदान और जैव विविधता की स्थिरता को बढ़ावा मिलता है। साथ ही, यह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सऊदी अरब की भूमिका को भी मजबूत करता है।
