सऊदी शिक्षा प्रणाली में अब 'साक्षरता' नहीं, 'जीवनभर सीखना' फोकस
सऊदी अरब में नई शिक्षा नीति अब वयस्क शिक्षा को 'मحو-अक्षरता' से आगे बढ़ाकर 'जीवनभर सीखने' की व्यापक अवधारणा पर केंद्रित कर रही है, जिससे सतत शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी अरब की नई शिक्षा प्रणाली अब वयस्क शिक्षा की परिभाषा को बदल रही है। इसमें 'मحو-अक्षरता' पर केंद्रित पुराने मॉडल के बजाय 'जीवनभर सीखने' की व्यापक अवधारणा को अपनाया जा रहा है, जिससे सतत शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे और यह समाज व श्रम बाजार की ज़रूरतों के अनुरूप होगा।
'अजेल' को मिली जानकारी के अनुसार, नया सिस्टम वयस्क शिक्षा को सतत शिक्षा के ढांचे में शामिल करता है, जिससे लोग किसी भी उम्र में शिक्षा जारी रख सकते हैं। यह अब केवल पारंपरिक साक्षरता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा।
इस बदलाव के तहत विभिन्न प्रकार के शैक्षिक कार्यक्रम और साधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जैसे ओपन स्कूलिंग, मोहल्ला केंद्र, ई-लर्निंग पाठ्यक्रम और स्वचालित स्कूल। यह 'जीवनभर सीखने' की अवधारणा को मजबूत करेगा और वैश्विक रुझानों के अनुरूप होगा।
सिस्टम में समकालिक और असमकालिक ई-लर्निंग के साथ-साथ स्व-शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे सतत शिक्षा के कार्यक्रमों में भाग लेने वालों को अधिक लचीलापन मिलेगा।
यह बदलाव शिक्षा प्रणाली के विकास, भविष्य की ज़रूरतों से जुड़ाव और पारंपरिक शिक्षा के बाहर भी ज्ञान व कौशल अर्जित करने के अवसरों के विस्तार की दिशा में है, जिससे सतत शिक्षा मानव विकास का हिस्सा बनेगी।
