अब्दुल्ला अल-शमरी: हौसले से कारोबार में कामयाबी की मिसाल
अब्दुल्ला अल-शमरी की कहानी बताती है कि सऊदी युवाओं के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। आंख की रोशनी खोने के बावजूद उन्होंने व्यापार में सफलता पाई।
मुख्य बिंदु
AIअब्दुल्ला अल-शमरी की प्रेरणादायक कहानी एक बार फिर साबित करती है कि सऊदी नागरिकों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।
एक मैच के दौरान आंख की रोशनी गंवाने के बाद अब्दुल्ला को नौकरी से वंचित होना पड़ा, लेकिन व्यापार के क्षेत्र में उनके लिए सफलता का नया रास्ता खुला।
अल-शमरी ने 'अल-अरबिया' से अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया, "चोट लगने के बाद मैंने अपनी आंख की रोशनी खो दी और जांच में यह स्पष्ट हो गया कि मैं अब नौकरी करने में सक्षम नहीं हूं।"
उन्होंने आगे कहा, "इसके बाद मैं हाइल चला गया, जहां कुछ कारोबारियों से मुलाकात हुई। उन्होंने मुझे खेतों से माल लाकर व्यापार शुरू करने की सलाह दी।"
अल-शमरी ने बताया, "मैंने अपने भाई के साथ मिलकर व्यापार के गुर सीखे, खरीद और मुनाफे का हिसाब लगाना सीखा। धीरे-धीरे मैंने एक छोटी दुकान संभालना शुरू किया और अल्लाह ने इसमें बरकत दी। मैं सभी को सलाह देता हूं कि धैर्य रखें, मेहनत करें और व्यापार में हाथ आजमाएं।"
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