रियाद में 180 ऐतिहासिक स्थलों का पंजीकरण, शोधकर्ता ने सराहा
इतिहासकार अली अबू अलूवा ने रियाद के 180 आधुनिक विरासत स्थलों के पंजीकरण परियोजना की सराहना की।
मुख्य बिंदु
AIइतिहासकार अली अबू अलूवा ने रियाद में आधुनिक शहरी विरासत के 180 स्थलों के पंजीकरण और कोडिंग परियोजना की सराहना की।
उन्होंने 'इख़बारिया रेडियो' पर बातचीत में बताया कि यह परियोजना हेरिटेज अथॉरिटी, रॉयल कमीशन फॉर रियाद सिटी और क्षेत्रीय नगरपालिका के सहयोग से पूरी हुई है। इसका उद्देश्य आधुनिक शहरी विरासत का पंजीकरण और संरक्षण करना है, जो सऊदी अरब की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।
अबू अलूवा ने आगे कहा कि इस परियोजना में वे इमारतें और संरचनाएँ शामिल हैं, जो 20वीं सदी में रियाद के इतिहास की अहम पड़ाव रही हैं। इनसे शहर की शहरी पहचान बनी, विकास की विभिन्न अवस्थाएँ दर्ज हुईं और ये स्थापत्य गवाह के रूप में शहरी स्मृति को संजोती हैं। साथ ही, उस दौर की निर्माण और शहरी नियोजन शैलियों के विकास को भी दर्शाती हैं।
परियोजना के तहत स्थलों का दस्तावेजीकरण, उन्हें शहरी विरासत रजिस्टर में शामिल करना और एकीकृत डिजिटल कोड वाली पहचान पट्टिकाएँ लगाना शामिल है, जिससे उनकी विरासतिक महत्ता उजागर हो और शहरी परिदृश्य में उनकी उपस्थिति मजबूत हो।
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