2027 को 'जल वर्ष' घोषित, कैबिनेट के 11 नए फैसले
जेद्दा में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, क्षेत्रीय स्थिरता और हमलों पर कड़ा जवाब देने की पुष्टि।
मुख्य बिंदु
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क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने जेद्दा में आज हुई कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक की शुरुआत में, क्राउन प्रिंस ने कैबिनेट को कुवैत के अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबेर अस-सबाह, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के साथ हुई टेलीफोन वार्ताओं की जानकारी दी। इन वार्ताओं में क्षेत्रीय हालात और क्षेत्र की सुरक्षा व स्थिरता के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा हुई।
कैबिनेट ने यमन और इराक में ईरान समर्थित आतंकवादी मिलिशिया द्वारा रियाद और पूर्वी क्षेत्र की तेल प्रतिष्ठानों और लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमलों की कड़ी निंदा की। साथ ही कहा कि सऊदी अरब अपनी सुरक्षा, हितों और संसाधनों की रक्षा में कोई समझौता नहीं करेगा और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत हर हमले का सख्त जवाब देगा।
कैबिनेट ने इराक सरकार से मांग की कि वह अपनी भूमि का इस्तेमाल हमलों के लिए न होने दे। साथ ही, सऊदी वायु रक्षा द्वारा इन हमलों को नाकाम करने की अंतरराष्ट्रीय सराहना का उल्लेख किया।
कार्यवाहक सूचना मंत्री यूसुफ बिन अब्दुल्ला अल-बनयान ने बैठक के बाद बताया कि सऊदी अरब क्षेत्र में तनाव कम करने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए लगातार मित्र देशों से संपर्क और सलाह-मशविरा कर रहा है।
कैबिनेट ने क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत देशों की संप्रभुता, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने, पड़ोसी संबंधों का सम्मान, नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर जोर दिया।
घरेलू मोर्चे पर, कैबिनेट ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सेवाओं के स्तर को बेहतर बनाने और नई व्यवस्थाओं के लागू होने की जानकारी दी। इसमें शिक्षा क्षेत्र के लिए नया कानून शामिल है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और शासन में सुधार होगा और (विजन 2030) के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट ने 'क्वालिटी ऑफ लाइफ' कार्यक्रम की उपलब्धियों की सराहना की, जिसने आर्थिक और विकास लक्ष्यों को पार किया है, गैर-तेल जीडीपी में योगदान बढ़ाया है और संस्कृति, खेल, मनोरंजन व पर्यटन क्षेत्रों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
सऊदी अरब को लगातार चौथे साल संयुक्त राष्ट्र की 'ई-गवर्नमेंट सर्विसेज मैच्योरिटी इंडेक्स' में क्षेत्रीय स्तर पर पहला स्थान मिलने की भी सराहना की गई। यह डिजिटल सेवाओं, प्लेटफॉर्म्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने में निरंतर प्रगति का प्रमाण है।
कैबिनेट ने अपने एजेंडे में शामिल विषयों की समीक्षा की, जिनमें कुछ मामलों पर शूरा काउंसिल ने भी विचार किया था। राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक और विकास मामलों से जुड़ी समितियों की सिफारिशों के आधार पर निम्नलिखित निर्णय लिए गए:
पहला:
सऊदी अरब और मिस्र के बीच राजनयिक और विशेष पासपोर्ट धारकों के लिए अल्पकालिक वीज़ा की पारस्परिक छूट पर समझौते को मंजूरी।
दूसरा:
सऊदी अरब और कुवैत के बीच विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन को मंजूरी।
तीसरा:
पर्यावरण, जल और कृषि मंत्री को सीरिया के साथ कृषि सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर बातचीत और हस्ताक्षर के लिए अधिकृत किया गया।
चौथा:
राष्ट्रीय पौध संरक्षण केंद्र के अध्यक्ष को निकट पूर्व और उत्तरी अफ्रीका की पौध संरक्षण संस्था के साथ पौध स्वास्थ्य सहयोग पर समझौता करने का अधिकार।
पांचवां:
सऊदी अरब और कतर के बीच खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन को मंजूरी।
छठा:
वर्ष 2027 को 'जल वर्ष' के रूप में नामित करने की मंजूरी।
सातवां:
छह माह के भीतर रियल एस्टेट से जुड़ी डिजिटल और ऑपरेशनल सेवाओं को उनकी तकनीकी संरचना, संचालन टीम और डेटा सहित जनरल अथॉरिटी फॉर रियल एस्टेट को स्थानांतरित किया जाएगा। इसमें रियल एस्टेट एक्सचेंज प्लेटफॉर्म, मोबाइल ऐप, समग्र प्रणाली, डेटा इंडेक्सिंग, दस्तावेज़ डिजिटलीकरण और बेसिक डेटा एंट्री सिस्टम शामिल हैं।
आठवां:
एक साल के लिए यह अनिवार्य रहेगा कि श्रम अदालत में मुकदमा दायर करने से पहले श्रमिक विवाद के निपटारे के लिए श्रम कार्यालय में आवेदन करना होगा।
नौवां:
बिजली नियामक प्राधिकरण, खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण, राष्ट्रीय जोखिम परिषद, क्षेत्रीय सामुदायिक विकास कार्यक्रम, आईटी सेक्टर विकास कार्यक्रम और उम्म अल-कुरा व इमाम अब्दुलरहमान बिन फैसल विश्वविद्यालयों के दो वित्तीय वर्षों के अंतिम खातों को मंजूरी।
दसवां:
कैबिनेट के एजेंडे में शामिल कई विषयों पर आवश्यक निर्देश, जिनमें किंग फैसल विश्वविद्यालय, प्रिंसेस नूरा बिन्त अब्दुलरहमान विश्वविद्यालय और मदीना इस्लामिक विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्टें शामिल हैं।
ग्यारहवां:
अब्दुलसलाम बिन नासिर अब्दुलसलाम को मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय में 15वीं रैंक के महाप्रबंधक पद पर पदोन्नति की मंजूरी।
