सऊदी डॉक्टरों ने 12 घंटे में फिजी जुड़वां बच्चों को कैसे अलग किया
सऊदी मेडिकल टीम ने 12 घंटे से अधिक चली जटिल सर्जरी के बाद फिजी की जुड़वां बच्चियों को सफलतापूर्वक अलग कर नया कीर्तिमान रचा।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी जुड़वां बच्चों के लिए बने विशेष कार्यक्रम की मेडिकल और सर्जिकल टीम ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। टीम ने फिजी की जुड़वां बच्चियों 'जस्बिली और डेसिसिया' को सफलतापूर्वक अलग कर दिया। यह ऑपरेशन रियाद स्थित किंग अब्दुल्ला स्पेशलाइज्ड चिल्ड्रन हॉस्पिटल में 12 घंटे 45 मिनट तक चला।
डॉ. अब्दुल्ला बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-रबीआ, जो रॉयल कोर्ट के सलाहकार, किंग सलमान रिलीफ सेंटर के प्रमुख और मेडिकल टीम के अध्यक्ष हैं, ने बताया कि यह ऑपरेशन नौ चरणों में पूरा हुआ। इसमें 34 विशेषज्ञ, डॉक्टर, तकनीकी और नर्सिंग स्टाफ ने विभिन्न क्षेत्रों से भाग लिया।
ऑपरेशन की बारीकियाँ
डॉ. रबीआ ने बताया कि दोनों बच्चियां पेट और पेल्विस के हिस्से से जुड़ी थीं। वे लिवर, आंत, कोलन, मलद्वार, मूत्र और प्रजनन तंत्र और पेल्विक बोन साझा कर रही थीं। इस वजह से बेहद सावधानी और बहु-विशेषज्ञ टीम की जरूरत पड़ी।
उन्होंने यह भी बताया कि फिजी के ऐसे जुड़वां बच्चों का यह पहला मामला है और यह सऊदी जुड़वां कार्यक्रम के तहत 74वां ऑपरेशन है। 35 साल से ज्यादा पुराने इस कार्यक्रम के तहत अब तक 28 देशों के 159 मामलों का अध्ययन किया गया है।
समर्थन और प्रयासों की सराहना
डॉ. रबीआ ने कहा कि इस क्षेत्र में सऊदी अरब की उपलब्धि देश की दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने अपनी टीम की ओर से किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को इस कार्यक्रम के लिए मिले समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
वहीं, फिजी की जुड़वां बच्चियों के परिवार ने सऊदी नेतृत्व और मेडिकल टीम का आभार जताया, जिन्होंने उन्नत चिकित्सा देखभाल और सफल ऑपरेशन के जरिए बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
