सऊदी कैबिनेट के 11 अहम फैसले, सड़कों की नई प्राधिकरण को मंजूरी
किंग सलमान ने मक्का शिखर सम्मेलन में सऊदी, तुर्की और पाकिस्तान के नेताओं के प्रयासों की सराहना की और रक्षा साझेदारी व क्षेत्रीय सहयोग की अहमियत दोहराई।
मुख्य बिंदु
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किंग सलमान ने मंगलवार को जेद्दा में कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक की शुरुआत में किंग सलमान ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को मक्का रक्षा शिखर सम्मेलन में उनके सफल प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन तीनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों और इस्लामी एकता को मजबूत करने के लिए था।
किंग सलमान ने कहा कि इस त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन से दीर्घकालिक रक्षा साझेदारी की नींव मजबूत हुई है, जिससे सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच सहयोग और समन्वय बढ़ेगा। उन्होंने क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने और वैश्विक स्थिरता व सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इसके बाद कैबिनेट ने किंग सलमान को जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति इमर्सन मनांगाग्वा का संदेश और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों व यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से हुई फोन वार्ता की जानकारी ली।
कार्यवाहक सूचना मंत्री यूसुफ अल-बनयान ने बताया कि कैबिनेट ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात की समीक्षा की। सऊदी अरब ने क्षेत्र में शांति, कूटनीतिक समाधान और जलमार्गों की सुरक्षा के लिए सहयोगी देशों के साथ मिलकर प्रयास जारी रखने की बात कही, खासकर होर्मुज और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य की सुरक्षा को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अहम बताया।
कैबिनेट ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बयान का स्वागत किया, जिसमें हूती मिलिशिया के हमलों और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने वाली आपराधिक गतिविधियों की निंदा की गई है। सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा और संसाधनों की रक्षा के अधिकार और यमन में शांति के लिए वैध सरकार व संयुक्त राष्ट्र प्रयासों के समर्थन की पुष्टि की।
कैबिनेट ने अम्मान में हुए यरुशलम समर्थन मंत्री स्तरीय बैठक के फैसलों की सराहना की और यरुशलम की कानूनी व ऐतिहासिक स्थिति बदलने की किसी भी कोशिश को खारिज किया। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गाजा और वेस्ट बैंक में इजरायली उल्लंघनों को रोकने, पवित्र स्थलों की सुरक्षा और फिलिस्तीनी जनता के समर्थन की अपील की।
कैबिनेट ने कहा कि सितंबर में रियाद में होने वाला यूनेस्को वैश्विक एआई नैतिकता मंच, तकनीकी संवाद में सऊदी अरब की भूमिका और एआई के जिम्मेदार व नैतिक इस्तेमाल के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कैबिनेट ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु विज्ञान ओलंपियाड की सफल मेजबानी और सऊदी छात्रों की उपलब्धियों को देश की वैज्ञानिक नेतृत्व क्षमता और प्रतिभाओं के वैश्विक मंच पर सशक्तिकरण का प्रमाण बताया, जो विजन 2030 के लक्ष्यों के अनुरूप है।
कैबिनेट ने अपने एजेंडे में शामिल विषयों की समीक्षा की, जिनमें कुछ मामलों पर शूरा काउंसिल ने भी अध्ययन किया था। राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक और विकास मामलों पर संबंधित समितियों और विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर निम्नलिखित फैसले लिए गए:
पहला:
अंतरराष्ट्रीय अनुबंधों में इलेक्ट्रॉनिक संचार के इस्तेमाल से जुड़ी संयुक्त राष्ट्र संधि की पुष्टि।
दूसरा:
सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय और मोजाम्बिक के स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच स्वास्थ्य सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर बातचीत और हस्ताक्षर के लिए स्वास्थ्य मंत्री को अधिकृत करना।
तीसरा:
सऊदी ऑडिट ब्यूरो और उज्बेकिस्तान के लेखा कार्यालय के बीच लेखा और ऑडिटिंग सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर बातचीत और हस्ताक्षर के लिए प्रमुख को अधिकृत करना।
चौथा:
सऊदी अरब और मोरक्को के बीच लॉजिस्टिक्स सेवाओं में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन को मंजूरी।
पांचवां:
सऊदी स्पेस एजेंसी और जापान के विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन को मंजूरी।
छठा:
सऊदी खाद्य एवं औषधि प्राधिकरण और थाईलैंड की इस्लामिक सेंट्रल काउंसिल के बीच हलाल क्षेत्रों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन को मंजूरी।
सातवां:
सड़कों के लिए जनरल अथॉरिटी के गठन को मंजूरी।
आठवां:
सऊदी स्वास्थ्य प्रतिष्ठान मान्यता केंद्र को विदेशों में भी मान्यता सेवाएं देने की अनुमति, जिसके लिए सऊदी स्वास्थ्य परिषद दिशा-निर्देश तय करेगी।
नौवां:
जाज़ान पर्वतीय क्षेत्रों के विकास प्राधिकरण को समाप्त कर उसकी जिम्मेदारियां जाज़ान क्षेत्र के रणनीतिक कार्यालय और पर्यावरण, जल व कृषि मंत्रालय को सौंपना।
दसवां:
मक्का, मदीना के विकास प्राधिकरणों, मीडिया नियामक प्राधिकरण और शिक्षा एवं प्रशिक्षण मूल्यांकन प्राधिकरण के पिछले वित्तीय वर्ष के खातों को मंजूरी।
ग्यारहवां:
कैबिनेट के एजेंडे में शामिल कई विषयों पर आवश्यक निर्देश, जिनमें जेद्दा और हफर अल-बातिन विश्वविद्यालयों तथा वित्तीय अकादमी की वार्षिक रिपोर्टें शामिल हैं।
