वित्तीय ठग खुद को रिश्तेदार या बैंककर्मी बताकर करता है धोखा: वकील
वकील मुसाब अल-ईदी ने कहा कि वित्तीय ठगी में ठग अक्सर खुद को पीड़ित का रिश्तेदार या बैंक का कर्मचारी बताकर धोखा देते हैं।
मुख्य बिंदु
AIवकील मुसाब अल-ईदी ने कहा कि वित्तीय ठगी का मतलब है दूसरों की संपत्ति को धोखे, झूठ या भ्रम के जरिए हड़प लेना।
अल-ईदी ने 'अल-अरबिया एफएम' से बातचीत में बताया कि इन अपराधों की बुनियाद धोखे और पीड़ित की समझ पर टिकी होती है, क्योंकि ठग पीड़ित की जरूरतों और उसकी आर्थिक स्थिति को समझने की कोशिश करता है।
उन्होंने आगे कहा कि ठगों के तरीके समय, स्थान और मकसद के हिसाब से बदलते रहते हैं, लेकिन उनका मुख्य उद्देश्य पीड़ित को जाल में फँसाना होता है। अक्सर वे खुद को बैंक या किसी संस्था का कर्मचारी या फिर पीड़ित का रिश्तेदार बताकर धोखा देते हैं।
वकील ने यह भी कहा कि अगर कोई ठगी का शिकार होता है तो उसे तुरंत बैंक को सूचना देनी चाहिए, ताकि ठग के देश से बाहर जाने से पहले अपराध के असर को कम किया जा सके। उन्होंने एक मामले का जिक्र करते हुए बताया कि एक ठग ने पीड़ित से संपर्क कर खुद को उसके लिए पैसे ट्रांसफर करने वाला बताया, उसका बैंक खाता नंबर लिया और उसके जरिए पैसे भेजे।
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