सामग्री पर जाएँ
शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 · रियाद
العربيةEnglishन्यूज़लेटरसंपर्क
सऊदी अरब

सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक जल सुरक्षा मजबूत करने का आह्वान किया

संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब ने सामूहिक प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को ठोस परिणामों में बदलने की जरूरत पर बल दिया।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 2 मिनट का पठन
संयुक्त राष्ट्र में सऊदी प्रतिनिधिमंडल की बैठक

मुख्य बिंदु

AI

सऊदी अरब ने वैश्विक जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामूहिक प्रयासों की अहमियत पर जोर दिया है। देश ने कहा कि जल संबंधी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को ऐसे ठोस परिणामों में बदलना जरूरी है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक विकास को समर्थन दें और जलवायु परिवर्तन व स्थिरता के लिए अनुकूलन क्षमता बढ़ाएँ।

यह बात न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह के मौके पर आयोजित एक उच्चस्तरीय मंत्री स्तरीय सत्र में कही गई, जिसका शीर्षक था जल के लिए एकजुट: सामूहिक कार्रवाई का आह्वान। इस सत्र की अध्यक्षता सऊदी अरब और सेनेगल ने की थी, जिसमें विश्व जल संगठन के सहयोग से कई देशों के मंत्री, सरकारी अधिकारी, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, विकास बैंकों, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और जल क्षेत्र के नेताओं ने भाग लिया।

विश्व जल संगठन के संस्थापक दल के प्रमुख डॉ. फहद बालघनीम ने बताया कि सत्र में वैश्विक स्तर पर जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव पर चर्चा हुई और राजनीतिक प्रतिबद्धता को मापनीय कार्यों में बदलने के व्यावहारिक उपायों पर विचार किया गया। साथ ही, जल सुरक्षा की भूमिका पर भी चर्चा हुई, जिससे लचीलापन और स्थिरता बढ़ती है, संवाद से क्रियान्वयन की ओर तेजी लाई जा सकती है, सामूहिक प्रयासों से सतत वित्त जुटाया जा सकता है और साझेदारियाँ बन सकती हैं।

चुनौतियों से निपटने के लिए नवाचार और क्षमता निर्माण

डॉ. बालघनीम ने कहा कि जल प्राथमिकताओं के अनुरूप वित्त जुटाना, प्रभावी नवाचार को तेज करना, सटीक डेटा तक पहुँच आसान बनाना और संस्थागत क्षमताओं का निर्माण करना जरूरी है, ताकि देश जल संबंधी चुनौतियों का सामना कर सकें और साझा लक्ष्यों को हासिल कर सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि जल सार्वजनिक स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, आर्थिक विकास और जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन की बुनियाद है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता को ठोस परिणामों में बदलने के लिए सामूहिक प्रयासों और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की अपील की।

राष्ट्रीय अनुभवों का आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

सत्र में भाग लेने वालों ने जल सुरक्षा के जरिए लचीलापन बढ़ाने, साझेदारियों के जरिए क्रियान्वयन को आगे बढ़ाने और प्राथमिकता वाले जल अभियानों के लिए सतत वित्त जुटाने के अपने-अपने राष्ट्रीय अनुभव साझा किए। चर्चा में सरकारों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विकास संस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने, बड़े पैमाने पर क्रियान्वयन का समर्थन करने और भविष्य की साझेदारियों के अवसर तलाशने की जरूरत पर भी जोर दिया गया, ताकि जल सुरक्षा और सतत विकास हासिल किया जा सके।

गौरतलब है कि विश्व जल संगठन सरकारों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर जल सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, देशों को विशेषज्ञता, वित्त और साझेदारियाँ उपलब्ध कराने और सदस्य देशों व प्रमुख हितधारकों के बीच स्थायी सहयोग के लिए एक संस्थागत मंच मुहैया कराने के लिए लगातार काम कर रहा है।

टिप्पणियाँ (0)