यूनेस्को क्षेत्रीय केंद्र ने मेक्सिको में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता सम्मेलन में भाग लिया
यूनेस्को क्षेत्रीय गुणवत्ता व उत्कृष्टता केंद्र ने मेक्सिको में साक्षरता सम्मेलन में भाग लिया और शिक्षा में आधुनिक तकनीकों के महत्व को रेखांकित किया।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी अरब में स्थित यूनेस्को क्षेत्रीय गुणवत्ता व उत्कृष्टता केंद्र ने मेक्सिको में आयोजित अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हुए वैश्विक सम्मेलन में भाग लिया। यह सम्मेलन यूनेस्को और मेक्सिको सरकार के सहयोग से चियापास राज्य में 8 और 9 सितंबर को 'मानव, पृथ्वी और समृद्धि के लिए साक्षरता' थीम पर आयोजित हुआ।
सम्मेलन में केंद्र का प्रतिनिधित्व डॉ. फातिमा बिन्त इब्राहीम अल-रुवैस, सहायक महानिदेशक, ने एक उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के साथ किया। डॉ. रुवैस ने 'समावेशी, न्यायसंगत और टिकाऊ विश्व निर्माण' विषयक सत्र में साक्षरता की बदलती परिभाषा पर चर्चा की, जिसमें डिजिटल और डेटा कौशल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आलोचनात्मक सोच, समस्या-समाधान, पर्यावरणीय साक्षरता और भविष्य की तैयारी शामिल हैं।
डॉ. रुवैस ने आजीवन सीखने की गुणवत्ता बढ़ाने, शिक्षकों और प्रशिक्षकों की क्षमताओं के विकास, समावेशी डिजिटल शिक्षा और प्रभाव मूल्यांकन के लिए केंद्र की पहलों को साझा किया। उन्होंने 'भविष्य की साक्षरता कौशल के लिए वैश्विक प्रयोगशाला' स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा, जिसमें साझा दक्षता ढांचे के विकास और जलवायु परिवर्तन से प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
केंद्र ने वैश्विक साक्षरता गठबंधन की वार्षिक बैठक में भी भाग लिया, जहां उसने 2026–2030 कार्ययोजना के प्रति समर्थन जताया और डेटा, डिजिटल परिवर्तन व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए शिक्षा के अवसरों के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही निजता और मानवीय पर्यवेक्षण की अहमियत को भी रेखांकित किया।
शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा
सम्मेलन के दौरान डॉ. रुवैस ने मेक्सिको, माली, गाबोन और मेडागास्कर के मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात की। इन बैठकों में शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार, जिम्मेदार डिजिटल परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साक्षरता, बहुभाषी शिक्षा, सीखने का मूल्यांकन, क्षमताविकास, महिलाओं, युवाओं और जरूरतमंद वर्गों के सशक्तिकरण तथा ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में शिक्षा के अवसरों के विस्तार पर चर्चा हुई।
केंद्र ने क्षमताविकास, गुणवत्ता सुनिश्चित करने, शोध, संकेतकों के विकास, डिजिटल और पर्यावरणीय शिक्षा तथा बहुभाषी शिक्षा के क्षेत्रों में साझेदार देशों और संस्थाओं के साथ सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई, ताकि गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और न्यायसंगत शिक्षा को बढ़ावा मिल सके और आजीवन सीखने का समर्थन हो।
