सऊदी अरब और नेपाल के बीच हवाई परिवहन समझौता
सऊदी अरब और नेपाल ने हवाई परिवहन सेवाओं के लिए नया समझौता किया, जिससे दोनों देशों के बीच उड़ानों का संचालन और सहयोग मजबूत होगा।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने, जिसका प्रतिनिधित्व उप कार्यकारी अध्यक्ष (हवाई परिवहन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग) अली बिन मोहम्मद रजब ने किया, नेपाल सरकार के साथ हवाई परिवहन सेवाओं के क्षेत्र में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता नेपाल की राजधानी काठमांडू में एक आधिकारिक यात्रा के दौरान हुआ, जिसमें नेपाल की ओर से संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के महासचिव जया नारायण आचार्य ने हस्ताक्षर किए।
इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच हवाई परिवहन को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए नियामक ढांचा तैयार करना है, साथ ही हवाई अधिकारों के आवंटन और एयरलाइनों की नियुक्ति व लाइसेंसिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यवस्था लागू करना है।
प्राधिकरण के बयान में कहा गया है कि यह समझौता 1944 की शिकागो संधि का पूरक है, जो अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन को नियंत्रित करती है। यह समझौता हवाई सुरक्षा और नागरिक उड्डयन की सुरक्षा के मानकों को मजबूत करने, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय एयरलाइनों के आर्थिक हितों की रक्षा करने में मदद करेगा।
बयान में यह भी कहा गया है कि समझौते का एक उद्देश्य दोनों देशों के बीच हवाई परिवहन बाजार में राष्ट्रीय एयरलाइनों की भागीदारी बढ़ाना है, ताकि आधुनिक बाजार प्रवेश मॉडल लागू किए जा सकें और विभिन्न प्रकार की हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा सके।
हवाई और पर्यटन क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा
आधिकारिक यात्रा के दौरान, उप कार्यकारी अध्यक्ष (हवाई परिवहन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग) ने काठमांडू में नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड्क राज बोडेल से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच नागरिक उड्डयन और पर्यटन के क्षेत्रों में सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
गौरतलब है कि यह समझौता नागरिक उड्डयन प्राधिकरण की हवाई परिवहन प्रणाली के विकास की व्यापक कोशिशों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करना और सऊदी अरब को वैश्विक लॉजिस्टिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है, जो सऊदी विजन 2030 के तहत एक प्रमुख लक्ष्य है।
