पूर्व नियोजित हत्या के दोषी यमनी नागरिक को सऊदी अरब में मौत की सज़ा
सऊदी गृह मंत्रालय ने दम्माम में पूर्व नियोजित हत्या के दोषी यमनी नागरिक को मौत की सज़ा देने की घोषणा की।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी गृह मंत्रालय ने आज एक बयान जारी कर पूर्वी प्रांत में एक अपराधी को मौत की सज़ा दिए जाने की जानकारी दी, जिसका विवरण इस प्रकार है:
अल्लाह तआला का फरमान है: (जो लोग अल्लाह और उसके रसूल से लड़ते हैं और धरती में फसाद फैलाते हैं, उनकी सज़ा यह है कि उन्हें कत्ल किया जाए, या सूली पर चढ़ाया जाए, या उनके हाथ-पैर विपरीत दिशाओं से काटे जाएं, या उन्हें देश से निकाल दिया जाए। यह उनके लिए दुनिया में अपमान है और आखिरत में बड़ा अज़ाब मिलेगा।)
अब्दुरब्बे सालेह मोहम्मद अल-गशामी — यमनी नागरिक — ने अब्दुल्ला मोहम्मद नासिर अल-गशामी — यमनी नागरिक — को एक स्थान पर बुलाकर उस पर हमला किया और धारदार हथियार से वार कर उसकी हत्या कर दी।
सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में उस पर हत्या का आरोप सिद्ध हुआ। मामला अदालत में भेजा गया, जहां उसके खिलाफ आरोप साबित हुए। चूंकि अपराध पूर्व नियोजित और धोखे से किया गया था, इसलिए उसे 'ग़ीला' (धोखे से हत्या) के तहत मौत की सज़ा सुनाई गई। अपील के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसले की पुष्टि की और शाही आदेश के तहत सज़ा लागू की गई।
आरोपी अब्दुरब्बे सालेह मोहम्मद अल-गशामी — यमनी नागरिक — को गुरुवार, 7/3/1448 हिजरी (20 अगस्त 2026) को पूर्वी प्रांत में मौत की सज़ा दी गई।
गृह मंत्रालय ने यह घोषणा करते हुए कहा कि सऊदी अरब की सरकार देश में सुरक्षा, न्याय और शरीयत के प्रावधानों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। जो भी निर्दोष लोगों की जान लेता है या उनके अधिकारों का उल्लंघन करता है, उसे कड़ी सज़ा दी जाएगी। साथ ही, मंत्रालय ने चेतावनी दी कि ऐसे अपराध करने वालों को यही अंजाम भुगतना होगा।
अल्लाह ही सबसे बेहतर मार्गदर्शक है।
