जुमे की खुतबा अब 13 भाषाओं में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध
मस्जिद-ए-हरम और मस्जिद-ए-नबवी की जुमे की खुतबा अब 13 भाषाओं में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सुनी और समझी जा सकेगी।
मुख्य बिंदु
AIमस्जिद-ए-हरम और मस्जिद-ए-नबवी मामलों की जनरल अथॉरिटी ने घोषणा की है कि अब जुमे की खुतबा की सेवा 13 भाषाओं में उनके डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए उपलब्ध होगी, जिससे दुनियाभर के हज यात्रियों और मुसलमानों को अपनी भाषा में खुतबों को सुनने और समझने की सुविधा मिलेगी।
अथॉरिटी ने बताया कि यह सेवा आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल के तहत दी जा रही है, ताकि हरम शरीफ आने वालों को बेहतर सेवाएं मिल सकें और अरबी न जानने वालों तक भी मार्गदर्शक और जागरूकता से जुड़ी सामग्री आसानी से पहुंचे। यह कदम हरम शरीफ के आगंतुकों की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
जुमे की खुतबा का अनुवाद "मनारा अल-हरमैन" प्लेटफॉर्म और अथॉरिटी के यूट्यूब चैनल पर प्रसारित किया जाएगा, जिससे सऊदी अरब के भीतर और बाहर के लोग इसका लाभ उठा सकेंगे।
यह अनुवाद सेवा जुमे की खुतबा के संदेश और मार्गदर्शन को कई भाषाओं में पहुंचाकर आगंतुकों के लिए लाभकारी साबित होगी और डिजिटल विकल्पों के माध्यम से खुतबों तक पहुंचना और भी आसान होगा।
यह सेवा अथॉरिटी द्वारा दी जा रही अन्य मार्गदर्शक और सूचना सेवाओं के साथ मिलकर हरम शरीफ आने वालों के अनुभव को बेहतर बनाने और उनकी इबादत को आसान बनाने के लिए डिजिटल सेवाओं के विकास का हिस्सा है।
जुमे की खुतबा का अनुवाद "मनारा अल-हरमैन" प्लेटफॉर्म (https://manaratalharamain.gov.sa/) और अथॉरिटी के यूट्यूब चैनल (https://youtube.com/@al-haramain-sermons?si=nxk_5opcf0dR7E-m) पर सुना जा सकता है।
