डिजिटल सिस्टम से पहचान सत्यापन की विश्वसनीयता बढ़ती है: विशेषज्ञ
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अहमद अल-हार्थी ने कहा कि डिजिटल सिस्टम उपयोगकर्ता की पहचान और डिवाइस की पुष्टि कर सत्यापन की विश्वसनीयता बढ़ाते हैं।
मुख्य बिंदु
AIसॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अहमद अल-हार्थी ने कहा कि डिजिटल सिस्टम उपयोगकर्ता की पहचान की पुष्टि के लिए प्रमाण जुटाते हैं और इस्तेमाल किए गए डिवाइस को भी दर्ज करते हैं, जिससे सत्यापन की विश्वसनीयता मजबूत होती है।
अल-हार्थी ने "इख़बारिया रेडियो" से बातचीत में बताया कि ये प्रमाण यह साबित करने में मदद करते हैं कि सेवा का उपयोग करने वाला व्यक्ति असली है, और यह प्रक्रिया स्वचालित रूप से पहचान से जुड़ी जानकारी और सत्यापन कोड के ज़रिए होती है।
उन्होंने आगे कहा कि इस विचार का आधार प्रमाणीकरण है, जिससे यह साबित होता है कि डिजिटल पहचान का स्वामी ही सेवा का उपयोग कर रहा है—यह उसके पास मौजूद डिवाइस और विशिष्ट चीज़ों, जैसे चेहरे की पहचान, के ज़रिए मुमकिन होता है।
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