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शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 · रियाद
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सऊदी अरब

मस्जिद-ए-हरम के इमाम ने देश, नेतृत्व और सुरक्षा के लिए दुआ की

मस्जिद-ए-हरम के इमाम शेख माहिर अल-मुईक़ली ने मुसलमानों से अल्लाह का डर रखने, नीयत को शुद्ध रखने और हर काम में सच्चाई बरतने की अपील की।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 3 मिनट का पठन
मस्जिद-ए-हरम के इमाम माहिर अल-मुईक़ली का खुत्बा

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मस्जिद-ए-हरम के इमाम और खतीब शेख डॉ. माहिर बिन हमद अल-मुईक़ली ने मुसलमानों को अल्लाह से डरने, अपने हर कथन और कार्य में नीयत को शुद्ध रखने और जीवन के हर पहलू में सवाब की उम्मीद रखने की सलाह दी।

शुक्रवार की नमाज़ के दौरान शेख मुईक़ली ने कहा कि नेक नीयत अच्छे कर्मों के सवाब को कई गुना बढ़ा देती है। अल्लाह से सवाब की उम्मीद रखने से आम काम भी इबादत बन जाते हैं, जबकि दुनिया की दौलत फानी है और आखिरत का इनाम सबसे बड़ा और शाश्वत है।

उन्होंने बताया कि अल्लाह की रहमत से नेकियों के दरवाज़े खुले हैं और भलाई के रास्ते आसान किए गए हैं। मुसलमान अपनी सच्ची नीयत से कई गुना सवाब पा सकता है और छोटा सा काम भी अगर इख़लास से किया जाए तो उसका इनाम बढ़ जाता है। वहीं, गलत नीयत से बड़ा काम भी बेकार हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई बीमारी या सफर के कारण कोई काम नहीं कर पाता, तो अल्लाह उसे उसका सवाब देता है।

शेख मुईक़ली ने कहा कि अल्लाह की इबादत केवल दिखावटी कामों जैसे नमाज़ या रोज़े तक सीमित नहीं है, बल्कि अगर मुसलमान हर काम अल्लाह की रज़ा के लिए करे, तो पूरी जिंदगी इबादत बन जाती है। उन्होंने सहाबा के उदाहरण दिए, जिन्होंने अपनी रोज़मर्रा की आदतों को भी अल्लाह की नज़दीकी का ज़रिया बनाया।

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी नेकी जरूरत के समय दूसरों को तरजीह देना है। उन्होंने उस अंसारी सहाबी की मिसाल दी, जिन्होंने पैगंबर मोहम्मद के मेहमान को खुद और अपने परिवार पर तरजीह दी। शेख ने बताया कि सवाब की नीयत से परिवार पर खर्च करना, अच्छा व्यवहार, मीठी बात और घर-परिवार की भलाई के लिए कोशिश करना भी इबादत है।

शेख मुईक़ली ने नेक कामों में सवाब की नीयत भूल जाने और लोगों की तारीफ की चाहत में दिल लगाने से आगाह किया। उन्होंने नीयत को बार-बार ताज़ा करने और इस यकीन के साथ काम करने की सलाह दी कि अल्लाह अच्छे काम का इनाम ज़रूर देता है।

मुसीबत में सब्र और सवाब की उम्मीद

दूसरी खुत्बा में शेख मुईक़ली ने मुसीबत में सब्र और सवाब की उम्मीद की अहमियत बताई। उन्होंने कहा कि हर मोमिन को अल्लाह के फैसले पर सब्र और रज़ा रखनी चाहिए। बीमारी, परेशानी या दुख में सब्र और सवाब की नीयत से इंसान के गुनाह माफ होते हैं।

उन्होंने मुश्किल में फंसे लोगों को अल्लाह से अच्छे की उम्मीद रखने और राहत के लिए कोशिश करने की सलाह दी। उन्होंने दोहराया कि आखिरत का इनाम दुनिया की हर चीज़ से बड़ा और हमेशा रहने वाला है।

देश और मुसलमानों के लिए दुआ

खुत्बे के आखिर में शेख मुईक़ली ने दुआ की कि अल्लाह सऊदी अरब, उसके नेतृत्व, सुरक्षा और स्थिरता की हिफाजत करे। उन्होंने किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की कामयाबी, सुरक्षा बलों और सीमाओं की रक्षा करने वालों की सलामती और सभी मुसलमानों के लिए हिदायत, परहेज़गारी और मगफिरत की दुआ की।

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