बुकेरिया समर फेस्टिवल में 'संगीत संध्या' और उमरा इनाम पर विवाद, आयोजकों ने मांगी माफी
बुकेरिया समर फेस्टिवल के एक विज्ञापन में संगीत संध्या के साथ उमरा यात्रा इनाम की घोषणा पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई, आयोजकों ने सफाई दी।
मुख्य बिंदु
AIबुकेरिया समर फेस्टिवल के एक प्रचारित विज्ञापन ने सोशल मीडिया पर हैरानी और बहस छेड़ दी, क्योंकि इसमें एक 'संगीत संध्या' के आयोजन के साथ-साथ दर्शकों के लिए इनाम के तौर पर उमरा यात्रा का लकी ड्रा भी शामिल था।
संगीत कार्यक्रम और धार्मिक इनाम को एक साथ जोड़ने पर कई लोगों ने सवाल उठाए और आलोचना की। उनका कहना था कि धार्मिक इनाम का स्वरूप इस तरह के कार्यक्रम के संदर्भ से मेल नहीं खाता, और विज्ञापनों में इनामों के चयन और प्रस्तुति में सावधानी बरतनी चाहिए।
इसी बहस में, डॉ. अब्दुलरहमान राशिद ने 'एक्स' प्लेटफॉर्म पर लिखा, "हर शहर की अपनी खासियत होती है, जैसे जुल्फी या हाइल का जिक्र आते ही मेहमाननवाज़ी याद आती है, और बुकेरिया का नाम आते ही इमाम-ए-हरम याद आते हैं। लेकिन संगीत कार्यक्रम और इनाम में उमरा यात्रा! यह तो हद हो गई!!" उन्होंने एक ही विज्ञापन में संगीत संध्या और उमरा यात्रा को जोड़ने पर हैरानी जताई।

विज्ञापन के प्रसार और प्रतिक्रियाओं के बाद, बुकेरिया समर फेस्टिवल की प्रबंधन टीम ने 'स्पष्टीकरण और माफी' शीर्षक से बयान जारी किया। इसमें उन्होंने दर्शकों से 'पिछले विज्ञापन में हुई गलतफहमी' के लिए माफी मांगी और भरोसा दिलाया कि त्योहार की पारिवारिक और मनोरंजक गतिविधियां तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी।
इसके साथ ही, आयोजकों ने कार्यक्रम का नया विज्ञापन जारी किया जिसमें विविध प्रस्तुतियों, आकर्षक इनामों और मुफ्त प्रवेश की घोषणा की गई, लेकिन 'संगीत संध्या' या उमरा यात्रा का कोई जिक्र नहीं था।
इस पूरे मामले पर मिली प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि विज्ञापन सामग्री जारी करने से पहले उसकी समीक्षा जरूरी है, खासकर जब मनोरंजन और धार्मिक इनामों को एक साथ जोड़ा जाए। आयोजकों की माफी और विज्ञापन में बदलाव, लोगों की टिप्पणियों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।

