जेद्दा में 39 देशों की भागीदारी से रक्षा गठबंधन की तीसरी योजना बैठक
जेद्दा में पश्चिमी बेड़े मुख्यालय पर 39 देशों के प्रतिनिधियों के साथ बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन (MMDC) की तीसरी योजना बैठक हुई, जो गठबंधन को सक्रिय करने की दिशा में अहम कदम है।
मुख्य बिंदु
AIजेद्दा स्थित पश्चिमी बेड़े मुख्यालय में बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन (MMDC) की तीसरी योजना बैठक आयोजित हुई, जिसमें 39 मित्र और सहयोगी देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। यह बैठक गठबंधन को सक्रिय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
संयुक्त बयान पर 15 देशों ने हस्ताक्षर किए हैं, जबकि 13 देशों ने अपनी राष्ट्रीय प्रक्रियाएँ पूरी कर गठबंधन के चार्टर पर हस्ताक्षर किए और औपचारिक रूप से इसमें शामिल होने की घोषणा की। इससे गठबंधन के संस्थागत और संचालनात्मक स्तर पर सक्रिय होने की शुरुआत हो गई है। अन्य देश भी गठबंधन में शामिल होने के लिए अपनी आवश्यक राष्ट्रीय प्रक्रियाएँ पूरी कर रहे हैं।

यह प्रगति गठबंधन की संस्थागत संरचना के तेजी से विकास के साथ-साथ हो रही है, जिसमें सऊदी अरब से गठबंधन के कमांडर की नियुक्ति, पहले कार्यकाल के लिए पाकिस्तान से उप-प्रमुख की सहमति, मुख्यालय का निर्धारण और प्रतीक चिन्ह की स्वीकृति शामिल है। साथ ही, संचालन और योजना से जुड़े दिशानिर्देश और आवश्यक दस्तावेज भी तैयार किए जा चुके हैं।
तीसरी योजना बैठक ने गठबंधन के बहुराष्ट्रीय नेतृत्व और तंत्र को सक्रिय करने की व्यावहारिक तैयारियों को भी आगे बढ़ाया है। इससे सदस्य देशों के अधिकारियों और कर्मियों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू होगी, जो संयुक्त कमान, संचालन और समन्वय केंद्र तथा खुफिया केंद्र के ढांचे में शामिल होंगे। इससे गठबंधन की संचालन क्षमता और रक्षा तैयारियों को मजबूती मिलेगी।
इस चरण में प्रवेश करना एक स्थायी बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन के निर्माण की दिशा में बड़ी उपलब्धि है, जिसका उद्देश्य सामूहिक समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना, नौवहन और समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता की रक्षा करना, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की निरंतरता सुनिश्चित करना है।
जैसे-जैसे अधिक देश अपनी प्रक्रियाएँ पूरी कर रहे हैं और गठबंधन के तंत्र सक्रिय हो रहे हैं, यह गठबंधन साझा कार्य के नए चरण में प्रवेश कर रहा है। अब प्रयास केवल संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें सक्रिय कर सदस्य देशों की क्षमताओं को एकीकृत करने की ओर बढ़ रहे हैं। इसका उद्देश्य संचालनात्मक तैयारी हासिल करना और गठबंधन को सौंपे गए कार्यों को पूरा करना है, जिससे समुद्री सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा। यह सब गठबंधन के चार्टर, मार्गदर्शक दस्तावेजों और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप किया जा रहा है।
