मक्का संयुक्त रक्षा समझौता: रणनीतिक सहयोग का नया दौर
डॉ. जारह अल-मरशदी ने कहा कि मक्का संयुक्त रक्षा समझौता रणनीतिक सहयोग के नए युग की शुरुआत करता है। इसमें सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान शामिल हैं।
मुख्य बिंदु
AIकिंग सऊद विश्वविद्यालय में राजनीतिक संचार के प्रोफेसर डॉ. जारह अल-मरशदी ने कहा कि "मक्का संयुक्त रक्षा समझौता रणनीतिक सहयोग के एक नए दौर की रूपरेखा तय करता है।"
डॉ. जारह ने चैनल 'अल-इखबारिया' से बातचीत में कहा कि "यह समझौता मध्य पूर्व की राजनीतिक स्थिति में ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है।" उन्होंने बताया कि इस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले तीनों देशों — सऊदी अरब, तुर्की गणराज्य और इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान — के पास ऐसे कारक हैं, जो उनके सहयोग को मध्य पूर्व में असरदार बनाते हैं। यह क्षेत्र पिछले 40 वर्षों से अस्थिरता का सामना कर रहा है।
गौरतलब है कि सऊदी अरब, तुर्की गणराज्य और इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान ने शुक्रवार को 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौता' पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता मक्का में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान हुआ, जिसकी मेज़बानी सऊदी अरब के संरक्षक, खادم अल-हरमैन अल-शरीफैन किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद ने की थी।
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