सऊदी वरिष्ठ धर्मगुरुओं ने हौती मिलिशिया को आतंकी संगठन बताया
सऊदी वरिष्ठ धर्मगुरुओं ने हौती मिलिशिया को आतंकी करार देते हुए नागरिकों और पवित्र स्थलों पर हमलों की निंदा की और मुस्लिम समुदाय से एकजुट होकर विरोध की अपील की।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी अरब की वरिष्ठ धर्मगुरुओं की परिषद की महासचिवालय ने आज एक बयान जारी कर हौती मिलिशिया को आतंकी संगठन करार दिया। परिषद ने कहा कि इस समूह ने यमन में नागरिकों और नागरिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ गंभीर उल्लंघन किए हैं, सुरक्षा को अस्थिर किया है और समाज में फूट डाली है।
बयान में कहा गया है कि हौती मिलिशिया ने मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों को निशाना बनाकर आतंकवादी कृत्य किए हैं। परिषद ने इसे अल्लाह के पवित्र स्थलों के प्रति घोर दुस्साहस बताया और कहा कि इसका खतरा दाएश और अल-कायदा जैसे चरमपंथी संगठनों से कम नहीं, बल्कि मुसलमानों के खिलाफ इसके अपराध कहीं अधिक हैं।
परिषद ने कहा कि हौती मिलिशिया द्वारा हज और मस्जिद-ए-नबवी के जायरीन को निशाना बनाना सबसे बड़ा पाप और आक्रामकता है। परिषद ने सऊदी वायु रक्षा और सशस्त्र बलों की सतर्कता और क्षमता की सराहना की, जिन्होंने इन हमलों को नाकाम किया।
महासचिवालय ने कहा कि ये आपराधिक कृत्य कुरान की उस आयत के अंतर्गत आते हैं जिसमें अल्लाह और उसके रसूल से युद्ध करने वालों और धरती पर फसाद फैलाने वालों के लिए सज़ा बताई गई है। परिषद ने स्पष्ट किया कि हौती मिलिशिया के अपराधों में जान-माल, सुरक्षा, स्थिरता और इस्लामी पवित्र स्थलों का उल्लंघन शामिल है।
परिषद ने सभी मुसलमानों से इन आतंकी कृत्यों की निंदा करने और शरीयत के आदेशों के अनुसार पवित्र स्थलों की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।
