पूर्वी क्षेत्र में एक अपराधी को सज़ा-ए-मौत दी गई
गृह मंत्रालय ने पूर्वी क्षेत्र में एक अपराधी को सज़ा-ए-मौत दिए जाने पर बयान जारी किया है।
मुख्य बिंदु
AIगृह मंत्रालय ने आज पूर्वी क्षेत्र में एक अपराधी को सज़ा-ए-मौत दिए जाने के संबंध में बयान जारी किया, जिसका विवरण इस प्रकार है:
अल्लाह तआला का फरमान है: (ऐ ईमानवालो! हत्या के मामले में तुम्हारे लिए क़िसास अनिवार्य किया गया है)।
और अल्लाह तआला ने कहा: (और तुम्हारे लिए क़िसास में जीवन है, हे बुद्धिमानों, ताकि तुम डर सको)।
मजल बिन अली बिन हुसैन अल-मजल अल-खालदी — सऊदी नागरिक — ने मोहम्मद बिन आमिर बिन लैल अल-खालदी — सऊदी नागरिक — की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई।
अल्लाह की कृपा से सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में उस पर अपराध का आरोप सिद्ध हुआ। उसे संबंधित अदालत में पेश किया गया, जहाँ उसके खिलाफ आरोप साबित होने पर सज़ा-ए-मौत का फैसला सुनाया गया। अपील के बाद यह फैसला सर्वोच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा और शाही आदेश के तहत इसे लागू किया गया।
आरोपी मजल बिन अली बिन हुसैन अल-मजल अल-खालदी — सऊदी नागरिक — को बुधवार, 5 रबीउस्सानी 1448 हिजरी, यानी 16 सितंबर 2026 को पूर्वी क्षेत्र में सज़ा-ए-मौत दी गई।
गृह मंत्रालय यह घोषणा करते हुए सभी को आश्वस्त करता है कि सऊदी अरब सरकार देश में सुरक्षा, न्याय और शरीयत के प्रावधानों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि निर्दोष लोगों की जान-माल की रक्षा हो सके। साथ ही, मंत्रालय ऐसे अपराधों की सख्त सज़ा की चेतावनी भी देता है।
अल्लाह ही सही मार्ग दिखाने वाला है।
