संयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकार मामलों में सहयोगियों पर हमले रोकने की मांग की
संयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकार मामलों में उसके साथ काम करने वालों पर डराने-धमकाने और प्रतिशोध की घटनाएँ रोकने की अपील की है, साथ ही उनकी सुरक्षा और जिम्मेदारों की जवाबदेही की मांग की है।
मुख्य बिंदु
AIसंयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकार मामलों में उसके साथ सहयोग करने वालों को डराने-धमकाने और प्रतिशोध की घटनाएँ तुरंत रोकने की अपील की है। संगठन ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
यह अपील संयुक्त राष्ट्र महासचिव की एक रिपोर्ट में की गई है, जिसमें 32 देशों में मानवाधिकार रक्षकों, पत्रकारों, वकीलों, ट्रेड यूनियन नेताओं और उल्लंघनों के शिकार लोगों को निशाना बनाए जाने के मामले दर्ज किए गए हैं। इन घटनाओं में मनमाने ढंग से हिरासत, हमले, निगरानी, धमकी, ऑनलाइन उत्पीड़न, यात्रा पर रोक, पासपोर्ट जब्त करना और परिवारों को डराना शामिल है।
इसी संदर्भ में, रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि डिजिटल तकनीकों और आतंकवाद, साइबर अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कानूनों का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है, जिससे नागरिक समाज के कामकाज और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार तंत्र के साथ सहयोग को दबाने की कोशिशें हो रही हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने दोहराया कि उसके साथ सहयोग करने वालों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नागरिक समाज के साथ सहयोग और संगठन के मिशन के लिए जरूरी है। उसने देशों से मानवाधिकार रक्षकों की सुरक्षा बढ़ाने और उनके लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की अपील की है।
