अविश्वसनीय जानकारी के प्रसार से अफवाहें और तथ्य विकृत होते हैं
अंतरराष्ट्रीय मीडिया विशेषज्ञ डॉ. फहद अल-मलीकी ने अविश्वसनीय जानकारी के प्रसार से अफवाहों और तथ्यों के विकृत होने की चेतावनी दी।
मुख्य बिंदु
AIअंतरराष्ट्रीय मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ डॉ. फहद अल-मलीकी ने अविश्वसनीय जानकारी के प्रसार को लेकर चेतावनी दी है।
डॉ. मलीकी ने 'अल-इखबारिया' चैनल पर एक चर्चा में कहा कि अविश्वसनीय जानकारी साझा करने से अफवाहें फैलती हैं और तथ्य विकृत हो सकते हैं, क्योंकि जानकारी लोगों की व्यक्तिगत राय और धारणाओं के अनुसार बदल जाती है।
उन्होंने कहा कि जब संदेश एक चैनल से दूसरे चैनल तक बिना यह ध्यान दिए भेजे जाते हैं कि हर स्रोत की अपनी अलग दृष्टि होती है, और बिना किसी वास्तविक स्रोत की पुष्टि के, तो इससे जनमत में भ्रम पैदा होता है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया विशेषज्ञ ने आगे कहा कि जब कोई बात एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुँचती है, तो यह उस व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह जानकारी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है या उसकी नकारात्मकता को उजागर करता है, और यही समस्या जानकारी पहुँचाने वाले से जुड़ी होती है।
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