स्कॉटिश परिवार ने बाजों के शौक को बनाया पारिवारिक व्यवसाय
स्कॉटलैंड का एक परिवार वर्षों पुराने बाजों के शौक को व्यवसाय में बदलकर अंतरराष्ट्रीय बाज़ीगर नीलामी में अपनी कहानी साझा कर रहा है।
मुख्य बिंदु
AIस्कॉटलैंड के एक परिवार ने वर्षों से चले आ रहे बाजों के शौक को पारिवारिक व्यवसाय में बदल दिया है। अब वे बाजों के उत्पादन और पालन में जुटे हैं और अपनी इस यात्रा को 2026 में होने वाली अंतरराष्ट्रीय बाज़ीगर फार्म नीलामी में साझा कर रहे हैं। यह आयोजन रियाद के उत्तर में स्थित मलहम में नेशनल फाल्कन सेंटर द्वारा किया जा रहा है, जिसमें दुनियाभर के फार्म और उत्पादक हिस्सा ले रहे हैं।
स्कॉटलैंड की एक भागीदार फार्म की लेज़ली ने बताया कि उनका बाजों से जुड़ाव वर्षों पहले शौक के तौर पर शुरू हुआ था। वे शिकार और बाज उड़ाने की शौकीन थीं, लेकिन धीरे-धीरे यह शौक बाजों के पालन और उत्पादन तक पहुंच गया और अब यह पूरे परिवार का साझा व्यवसाय बन गया है।
लेज़ली ने बताया कि उनके पति उत्पादन की मुख्य जिम्मेदारी संभालते हैं, जबकि उनकी बेटी बाजों की देखभाल और पालन में मदद करती है। इससे पूरे परिवार में बाजों के प्रति लगाव और अनुभव साझा हुआ है और यह शौक अब पेशेवर काम में बदल गया है।
उन्होंने कहा कि बाजों की सुंदरता, विविध रंग और आकार उन्हें सबसे ज्यादा आकर्षित करते हैं। हर बाज की अपनी खासियत होती है, जो शिकारियों का ध्यान खींचती है और चयन के समय अहम भूमिका निभाती है।
लेज़ली ने यह भी बताया कि बाजों के चयन में शिकारियों की पसंद अलग-अलग होती है, खासकर रंग के मामले में। कुछ लोग हल्के रंग के बाज पसंद करते हैं, जबकि कुछ को गहरे या काले रंग के बाज ज्यादा भाते हैं। आखिरकार, चयन शिकारियों की व्यक्तिगत पसंद और उनकी जरूरतों पर निर्भर करता है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ीगर फार्म नीलामी में स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाजों के उत्पादन और पालन के विविध अनुभव साझा किए जाते हैं। यह आयोजन शिकारियों और आगंतुकों को उत्पादकों की विशेषज्ञता और अनुभव जानने का मौका देता है, साथ ही यहां विभिन्न किस्मों के बाज भी देखे जा सकते हैं। यह नीलामी 25 अगस्त तक आगंतुकों के लिए खुली रहेगी।
