मदीना में अफ्रीकी मेहमानों ने देखीं ऐतिहासिक इस्लामी जगहें
खादिम हरमैन कार्यक्रम के 23 अफ्रीकी देशों के 250 उमराह मेहमानों ने मदीना में शहीद-ए-उहुद कब्रिस्तान और क़ुबा मस्जिद का दौरा किया।
मुख्य बिंदु
AIखादिम हरमैन शरीफैन उमरा व ज़ियारत कार्यक्रम के मेहमानों ने, जिसे इस्लामी मामलों, दावत और मार्गदर्शन मंत्रालय द्वारा 1448 हिजरी में आयोजित किया गया है, शनिवार को मदीना मुनव्वरा की कई इस्लामी ऐतिहासिक जगहों का दौरा किया। इसमें शहीद-ए-उहुद कब्रिस्तान, जाबल-ए-रुमात और क़ुबा मस्जिद शामिल हैं। यह दौरा मंत्रालय द्वारा मेहमानों के लिए तैयार सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा था।
मेहमानों को कब्रिस्तान की ज़ियारत के इस्लामी शिष्टाचार और उहुद युद्ध के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने युद्ध के स्थल और उसके ऐतिहासिक बदलावों को भी जाना।
इसके अलावा, मेहमानों ने क़ुबा मस्जिद का दौरा किया, उसकी ऐतिहासिक अहमियत और विशेषता के बारे में जाना और पैगंबर मोहम्मद की सुन्नत के अनुसार वहां दो रकात नमाज़ भी अदा की।
कार्यक्रम के मेहमानों ने किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को ऐतिहासिक इस्लामी स्थलों की यात्रा को आसान बनाने वाली सेवाओं के लिए धन्यवाद दिया और इस्लाम व मुसलमानों के प्रति सऊदी अरब की देखभाल की सराहना की। उन्होंने इस अनुभव को लेकर अपनी खुशी भी जताई।
23 अफ्रीकी देशों से आए मेहमान
गौरतलब है कि कार्यक्रम के तीसरे बैच में 23 अफ्रीकी देशों के 250 उमराह यात्री शामिल हैं। इनमें मिस्र, मोरक्को, ट्यूनीशिया, अल्जीरिया, सेनेगल, गिनी कोनाक्री, कैमरून, नाइजीरिया, घाना, नाइजर, इथियोपिया, रवांडा, मॉरिटानिया, आइवरी कोस्ट, बुर्किना फासो, चाड, तंजानिया, जिबूती, दक्षिण अफ्रीका, जाम्बिया, नामीबिया, अंगोला और माली शामिल हैं।
