किंग सलमान रॉयल रिज़र्व में गिद्धों की आबादी बढ़ने का वैज्ञानिक प्रमाण
किंग सलमान रॉयल रिज़र्व प्राधिकरण ने अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में अध्ययन प्रकाशित कर गिद्धों की आबादी और प्रजनन में वृद्धि दर्ज की है।
मुख्य बिंदु
AIकिंग सलमान रॉयल रिज़र्व प्राधिकरण ने पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के क्षेत्र में राष्ट्रीय प्रयासों की अग्रणी भूमिका को दर्शाते हुए, गिद्धों की आबादी और प्रजनन में वृद्धि का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण किया है। यह अध्ययन अंतरराष्ट्रीय पत्रिका "Open Journal of Animal Sciences" में प्रकाशित हुआ है।
इस अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन से रिज़र्व की रणनीतिक अहमियत एक सुरक्षित और टिकाऊ शिकारी पक्षियों के आवास के रूप में उजागर होती है। साथ ही, यह प्राधिकरण की सतत निगरानी और संरक्षण कार्यक्रमों की प्रभावशीलता को दर्शाता है, जो संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण और रिज़र्व के भौगोलिक क्षेत्र में पारिस्थितिक संतुलन को मजबूत करते हैं।
प्राधिकरण द्वारा घोषित वैज्ञानिक निष्कर्षों में बताया गया है कि 2024 से 2025 के बीच 57 घोंसलों की निगरानी और सर्वेक्षण के दौरान घोंसलों के उपयोग की दर 74.5% तक पहुंच गई, और 82 सक्रिय घोंसले दर्ज किए गए।
इसके अलावा, प्राधिकरण द्वारा स्थापित पूरक आहार केंद्रों ने गिद्धों के घोंसले बनाने में मदद की है और रिज़र्व की वैश्विक अहमियत को बढ़ाया है। इन केंद्रों के जरिए तीन और संकटग्रस्त गिद्ध प्रजातियों — काला गिद्ध, लंबी चोंच वाला गिद्ध और मिस्र का गिद्ध — को आकर्षित और दर्ज किया गया, जिससे रिज़र्व द्वारा प्रदान की जा रही समग्र पारिस्थितिक सुरक्षा की पुष्टि होती है।
