रियाद में 'सुरक्षा और इतिहास संवाद 2026' सम्मेलन संपन्न
रियाद में तीन दिवसीय 'सुरक्षा और इतिहास संवाद 2026' सम्मेलन का समापन हुआ, जिसमें 5200 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
मुख्य बिंदु
AIरियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर स्थित सांस्कृतिक भवन में आज 'सुरक्षा और इतिहास संवाद 2026' सम्मेलन का समापन हुआ। यह आयोजन गृह मंत्रालय द्वारा क्राउन प्रिंस अब्दुल अज़ीज़ बिन सऊद बिन नाएफ बिन अब्दुल अज़ीज़ के संरक्षण में तीन दिनों तक चला। 'हमारा इतिहास और भविष्य... सुरक्षा और विकास' थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश से वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ, शोधकर्ता, अकादमिक, लेखक और अन्य विशेषज्ञ बड़ी संख्या में शामिल हुए।
तीन दिनों में सम्मेलन में 5200 से अधिक लोगों ने भागीदारी की, जो उल्लेखनीय रही।
यह सम्मेलन एक राष्ट्रीय बौद्धिक मंच के रूप में उभरा, जिसमें नीति-निर्माता, सुरक्षा और प्रशासनिक नेतृत्व, इतिहासकार, शोधकर्ता, मीडिया कर्मी और संस्कृति से जुड़े लोग शामिल हुए। इसमें सऊदी अरब के इतिहास और वर्तमान के विभिन्न पहलुओं पर संवाद हुआ और भविष्य की दिशा पर चर्चा की गई।
सम्मेलन के कार्यक्रम में 60 से अधिक संवाद सत्र, इंटरैक्टिव बैठकें और विशेष वार्ताएं शामिल थीं। इसमें 160 से अधिक वक्ताओं और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 30 से अधिक सरकारी, शैक्षणिक और वैज्ञानिक संस्थान भी शामिल थे। 'संवाद मंच' और 'सुरक्षा और इतिहास मंच' के तहत 60 घंटे से अधिक संवाद और सहभागिता हुई।
सम्मेलन में सुरक्षा की अवधारणा, राज्य और समाज के निर्माण में इसकी भूमिका, सऊदी राज्य में सुरक्षा का इतिहास, संस्थाओं का विकास, न्याय, स्थिरता, नागरिकता, राष्ट्रीय पहचान, निवेश, जागरूकता, संतुलन, अंतरराष्ट्रीय संबंध, सुरक्षा साझेदारियां, नागरिक, परिवार और महिला की भूमिका, मीडिया, संस्कृति, कला, विरासत, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य की सुरक्षा जैसे विविध विषयों पर चर्चा हुई।
सत्रों में सऊदी अरब के इतिहास की प्रमुख घटनाओं, संस्थापक किंग अब्दुलअज़ीज़ बिन अब्दुलरहमान अल सऊद के व्यक्तित्व, राज्य की संस्थाओं और सुरक्षा तंत्र के विकास, पवित्र स्थलों की देखरेख, सैन्य और सुरक्षा विरासत, विकास, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन, तथा सुरक्षा और स्थिरता के योगदान पर भी चर्चा हुई।
सम्मेलन में कई संवाद और विशेष वक्तव्य हुए, जिनमें स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय अधिकारी, राजनयिक और विशेषज्ञों ने सऊदी अरब के अनुभवों और बदलावों पर अपने विचार साझा किए, जिससे प्रस्तुत सामग्री में मानवीय दृष्टिकोण भी जुड़ा।
सम्मेलन के सत्रों में इतिहास, संस्कृति और मीडिया से जुड़े लोगों के साथ-साथ युवाओं और छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों की विविधता ने संवाद को समृद्ध किया और विभिन्न पीढ़ियों तथा क्षेत्रों के बीच संवाद को बढ़ावा दिया।
सम्मेलन का आयोजन किंग अब्दुलअज़ीज़ फाउंडेशन (मुख्य साझेदार), रियाद रॉयल कमीशन (रणनीतिक साझेदार), अकादमी तुवैक और सऊदी टेक्निकल एंड सिक्योरिटी कंट्रोल कंपनी 'तहकम' (लीडरशिप पार्टनर) के सहयोग से हुआ। इसमें कई मंत्रालयों, विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक-सांस्कृतिक संस्थाओं ने भी भागीदारी की।
'सुरक्षा और इतिहास संवाद 2026' सम्मेलन, 2025 के इसी नाम के मंच का विस्तार है। इस वर्ष यह तीन दिवसीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित हुआ, जिसमें विचार-विमर्श, ऐतिहासिक संवाद और विशेषज्ञ अनुभव साझा किए गए। इसका उद्देश्य सऊदी इतिहास की समझ बढ़ाना, सुरक्षा के महत्व को उजागर करना और ज्ञानवर्धक सामग्री तैयार करना है, ताकि सऊदी अनुभव को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाया जा सके।
