क़सीम में नुऐमी भेड़ों की मॉडल फार्मिंग का राष्ट्रीय कार्यक्रम से समर्थन
राष्ट्रीय पशुधन कार्यक्रम ने 'फरायद' संस्था को क़सीम में नुऐमी भेड़ों की मॉडल फार्मिंग के लिए ज़मीन सौंपी, जिससे खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य बिंदु
AIराष्ट्रीय पशुधन और मत्स्य क्षेत्र विकास कार्यक्रम ने 'फरायद' संस्था को क़सीम क्षेत्र में पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय से आवंटित ज़मीन सौंपी है, जहां नुऐमी भेड़ों की मॉडल फार्मिंग परियोजना शुरू होगी। इस परियोजना के तहत 20,000 नुऐमी भेड़ों का पालन किया जाएगा और सालाना 221,000 किलोग्राम से अधिक मांस उत्पादन का लक्ष्य है। यह पहल लाल मांस के उत्पादन को बढ़ाकर आत्मनिर्भरता और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए है, जो सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों के अनुरूप है।
परियोजना का 30% उत्पादन अनुबंधित कृषि प्रणाली के तहत होगा, जिससे ग्रामीण किसानों के साथ साझेदारी मजबूत होगी और उत्पादन दक्षता बढ़ेगी। साथ ही, यह छोटे पशुपालकों को समर्थन, ग्रामीण विकास और उच्च गुणवत्ता वाले मांस के लिए पालन-पोषण की आधुनिक पद्धतियों को बढ़ावा देगा।
परियोजना के चरण और सुविधाएँ
पहले चरण में मॉडल पशुबाड़े, मोटापा बढ़ाने के लिए शेड, प्रयोगशालाएँ, गोदाम और पूर्ण प्रशासनिक सुविधाएँ बनाई जाएँगी। दूसरे चरण में एक आधुनिक स्वचालित बूचड़खाना स्थापित होगा, जिससे पशु अपशिष्ट का उपयोग और उत्पादन श्रृंखला का एकीकरण संभव होगा।
राष्ट्रीय कार्यक्रम की भूमिका और निवेशकों को समर्थन
यह परियोजना राष्ट्रीय कार्यक्रम की भेड़ और बकरी क्षेत्र के विकास और निवेशकों को आकर्षित करने की योजना का हिस्सा है। कार्यक्रम ने परियोजना को ज़मीन हस्तांतरण की निगरानी, व्यवहार्यता और तकनीकी अध्ययन, उत्पादन लक्ष्य निर्धारण, उपयुक्त नस्ल चयन, पशुबाड़ों की इंजीनियरिंग डिज़ाइन और आनुवंशिक सुधार कार्यक्रम तैयार करने में सहयोग दिया है।
नुऐमी भेड़ नस्ल की विशेषताएँ
नुऐमी भेड़ सऊदी अरब की प्रमुख स्थानीय नस्लों में है, जो मांस और ऊन के अधिक उत्पादन, बीमारियों के प्रति उच्च प्रतिरोध और मांस की गुणवत्ता के लिए जानी जाती है। यही कारण है कि यह नस्ल देश में भेड़ पालन परियोजनाओं के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
