सामग्री पर जाएँ
शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 · रियाद
العربيةEnglishन्यूज़लेटरसंपर्क
सऊदी अरब

सऊदी अरब में सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली के लिए नया शाही आदेश

किंग सलमान ने सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को मंज़ूरी दी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और शासन व्यवस्था को बेहतर बनाने का लक्ष्य है।

अजेल हिंदी20 मिनट पहले · 2 मिनट का पठन
सऊदी शिक्षा मंत्रालय और किंग सलमान की फाइल फोटो

मुख्य बिंदु

AI

किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ ने सऊदी अरब में सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को मंज़ूरी देने वाला शाही आदेश जारी किया है। इसका उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में शासन व्यवस्था को मजबूत करना और लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि शैक्षिक माहौल और इसके परिणामों की गुणवत्ता को बेहतर किया जा सके।

यह प्रणाली निजी और गैर-लाभकारी क्षेत्रों की शिक्षा में भूमिका को संगठित करती है, ताकि यह सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों के अनुरूप हो और देश की शिक्षा व्यवस्था के विकास की आकांक्षाओं को पूरा कर सके।

शिक्षा मंत्री यूसुफ बिन अब्दुल्ला अल-बुनयान ने इस मंज़ूरी पर नेतृत्व के प्रति आभार जताया और कहा कि यह कदम शिक्षा क्षेत्र के विकास और संगठनात्मक व संचालन दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण समर्थन है।

शासन व्यवस्था और भागीदारी का संगठन

यह प्रणाली शिक्षा मंत्रालय, सार्वजनिक शिक्षा मामलों की परिषद और संबंधित संस्थाओं की भूमिकाओं को स्पष्ट कर शिक्षा नीति, योजनाओं और कार्यक्रमों के समन्वय को मजबूत करती है। इससे निर्णय लेने की दक्षता बढ़ेगी और मंत्रालय को निगरानी व संगठन के उपकरण विकसित करने में मदद मिलेगी।

साथ ही, यह प्रणाली निजी और गैर-लाभकारी क्षेत्रों की शिक्षा सेवाओं में भागीदारी को संगठित करती है और निवेश व साझेदारी को आकर्षित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश देती है, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता बढ़े, शैक्षिक विकल्पों का विस्तार हो और सरकारी व निजी शैक्षिक संस्थानों का सतत विकास सुनिश्चित हो सके।

अधिकारों की सुरक्षा और विविध वर्गों का समर्थन

यह प्रणाली शिक्षा में मानवाधिकारों, छात्रों और शिक्षकों के अधिकारों की सुरक्षा पर ज़ोर देती है, साथ ही एक सुरक्षित और प्रेरक शैक्षिक माहौल उपलब्ध कराने का वादा करती है, जिससे शैक्षिक प्रक्रिया की गुणवत्ता और छात्रों का अनुभव बेहतर हो। इसमें परिवार की भूमिका को भी सुदृढ़ किया गया है।

प्रणाली के तहत प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और देखभाल की गुणवत्ता को बढ़ावा मिलेगा, दिव्यांग छात्रों की ज़रूरतों के अनुरूप शैक्षिक और सहायक सेवाएँ दी जाएँगी, और प्रतिभाशाली छात्रों की देखभाल व क्षमताओं के विकास को भी समर्थन मिलेगा, ताकि छात्रों की विविध आवश्यकताओं का ध्यान रखा जा सके।

इसी क्रम में, शिक्षा मंत्रालय आने वाले समय में संबंधित संस्थाओं के साथ मिलकर प्रणाली के कार्यान्वयन और संगठनात्मक प्रावधानों को अंतिम रूप देगा, ताकि इसे स्पष्ट पद्धति के साथ लागू किया जा सके और शिक्षा प्रणाली के विकास व उसके परिणामों की गुणवत्ता को बढ़ाया जा सके।

गौरतलब है कि सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली में शिक्षा के विभिन्न चरणों, सार्वजनिक शिक्षा मामलों की परिषद, शैक्षिक संस्थानों, शैक्षिक धाराओं, ई-लर्निंग, सतत शिक्षा, शैक्षिक वातावरण और छात्रों व शिक्षकों के अधिकारों से जुड़े कई प्रावधान शामिल हैं।

टिप्पणियाँ (0)