ख़ादिम-ए-हरमैन कार्यक्रम के मेहमानों ने काबा की कसीदा फैक्ट्री और 'वही' प्रदर्शनी देखी
ख़ादिम-ए-हरमैन उमरा और ज़ियारत कार्यक्रम के तीसरे दल ने मक्का में काबा की कसीदा फैक्ट्री और 'वही' प्रदर्शनी का दौरा किया।
मुख्य बिंदु
AIख़ादिम-ए-हरमैन शरीफैन उमरा और ज़ियारत कार्यक्रम के तीसरे दल, जिसे इस्लामी मामलों, दावत और मार्गदर्शन मंत्रालय ने इस वर्ष 1448 हिजरी में आयोजित किया है, ने आज मक्का में किंग अब्दुलअज़ीज़ काबा कसीदा निर्माण परिसर का दौरा किया। यह दौरा मंत्रालय द्वारा मेहमानों के अनुभव को समृद्ध करने के लिए तैयार किए गए सांस्कृतिक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का हिस्सा था।
मेहमानों ने अपनी यात्रा की शुरुआत किंग अब्दुलअज़ीज़ काबा कसीदा निर्माण परिसर से की, जहाँ उन्होंने कसीदा निर्माण की बारीकियों को देखा—कपड़े की तैयारी और डिज़ाइन से लेकर कढ़ाई, बुनाई और अंतिम संयोजन तक। उन्होंने इस्तेमाल होने वाली कच्ची सामग्रियों को जाना, राष्ट्रीय विशेषज्ञों की शिल्पकला देखी और काबा की कसीदा के एक हिस्से की प्रतीकात्मक सिलाई का अनुभव भी किया।
करीब 250 मेहमानों ने मक्का के हरा सांस्कृतिक क्षेत्र में 'वही' प्रदर्शनी का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने पैग़म्बरों की कहानियाँ, पैग़म्बर मुहम्मद की जीवनी के महत्वपूर्ण पड़ाव और ग़ार-ए-हिरा में वही के अवतरण की कहानी को नवीनतम डिजिटल तकनीकों के ज़रिए देखा, जिससे उन्हें एक समृद्ध ज्ञान और आध्यात्मिक अनुभव मिला।
गौरतलब है कि उमरा और ज़ियारत कार्यक्रम के तीसरे दल में अफ्रीका के 23 देशों—मोरक्को, मिस्र, ट्यूनीशिया, अल्जीरिया, सेनेगल, गिनी कोनाक्री, कैमरून, नाइजीरिया, घाना, नाइजर, इथियोपिया, रवांडा, मॉरिटानिया, आइवरी कोस्ट, बुर्किना फासो, चाड, तंजानिया, जिबूती, दक्षिण अफ्रीका, ज़ाम्बिया, नामीबिया, अंगोला और माली—के मेहमान शामिल हैं।
