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रविवार, 1 नवंबर 2026 · रियाद
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सऊदी अरब

समुद्री मार्गों की सुरक्षा साझा जिम्मेदारी: सऊदी सेना

सऊदी सेना के उप प्रमुख फहद अल-गुफैली ने कहा कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय साझी जिम्मेदारी है।

अजेल हिंदी2 घंटे पहले · 2 मिनट का पठन
सऊदी सेना के उप प्रमुख फहद अल-गुफैली का संबोधन

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सऊदी सेना के उप प्रमुख, फहद अल-गुफैली ने कहा है कि रणनीतिक समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा को निशाना बनाने वाले खतरों का मिलकर सामना किया जाए।

मनामा डायलॉग फोरम में रविवार को बोलते हुए गुफैली ने कहा कि 2023 से हूती हमलों ने अंतरराष्ट्रीय नौवहन पर मंडरा रहे खतरों को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि इन हमलों के मद्देनज़र सामूहिक कार्रवाई जरूरी है ताकि अहम समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय व वैश्विक स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र, होर्मुज़ जलडमरूमध्य, लाल सागर, बाब अल-मंडब और अदन की खाड़ी दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल हैं। गुफैली ने चेताया कि इन मार्गों में किसी भी तरह की अशांति का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाज़ार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति शृंखलाओं पर पड़ता है।

गुफैली ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और सिद्धांतों को कमजोर करना देशों के अधिकारों के उल्लंघन और अस्थिरता का रास्ता खोलता है। उन्होंने समुद्री सुरक्षा के लिए वैश्विक सहयोग की अहमियत पर ज़ोर दिया।

14 देशों वाला बहुराष्ट्रीय समुद्री गठबंधन

समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सऊदी अरब की पहल का ज़िक्र करते हुए गुफैली ने बताया कि एक अंतरराष्ट्रीय पहल के तहत बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन (MMDC) की स्थापना हुई है, जिसमें अब तक 14 देश शामिल हो चुके हैं। कई अन्य देश भी आवश्यक राष्ट्रीय प्रक्रियाएँ पूरी करने के बाद इसमें शामिल होने की इच्छा जता चुके हैं।

गुफैली ने सऊदी समुद्री सुरक्षा दृष्टिकोण के मुख्य बिंदुओं को साझा किया, जिसमें देशों की संप्रभुता और वैध अधिकारों का सम्मान, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नौवहन और पारगमन की स्वतंत्रता, समुद्री मार्गों का राजनीतिक दबाव या सैन्य तनाव के लिए इस्तेमाल न होना, और वाणिज्यिक जहाजों व नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने का विरोध शामिल है।

उन्होंने क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया ताकि समुद्री खतरों का सामना किया जा सके। गुफैली ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्य और मार्ग सहयोग के क्षेत्र होने चाहिए, न कि प्रतिस्पर्धा या संघर्ष के।

गुफैली ने कहा कि समुद्री मार्गों को खुला, सुरक्षित और स्थिर बनाए रखना सभी देशों के हित में है, चाहे वे इन मार्गों के किनारे हों या व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए इन पर निर्भर हों। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन और संवाद व समझदारी को टकराव पर तरजीह देने की बात कही।

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