सऊदी जियोलॉजिस्ट संघ प्रमुख: भूकंप और ज्वालामुखी प्रकृति के नियम
सऊदी जियोलॉजिस्ट संघ के अध्यक्ष प्रो. अब्दुलअज़ीज़ बिन लअबून ने कहा कि भूकंप और ज्वालामुखी प्राकृतिक नियम हैं और इनके लाभ मानवता के लिए नुकसान से अधिक हैं।
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सऊदी जियोलॉजिस्ट संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर अब्दुलअज़ीज़ बिन लअबून ने कहा है कि भूकंप और ज्वालामुखी प्रकृति के ऐसे नियम हैं, जो केवल ईश्वर की इच्छा से ही घटित होते हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इन घटनाओं से जुड़ी सभी व्याख्याएँ वैज्ञानिक और व्यक्तिगत प्रयासों के दायरे में आती हैं।
बिन लअबून ने 'या हला' कार्यक्रम में 'रोटाना खलीजिया' चैनल से बातचीत में कहा कि भले ही भूकंप और ज्वालामुखी विनाश और मानवीय क्षति का कारण बनते हैं, लेकिन इनके लाभ मानवता के लिए इनके नुकसान से कहीं अधिक हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भूकंप और ज्वालामुखी की सबसे बड़ी उपयोगिता पृथ्वी की सतह का संतुलन बनाए रखना, नई चट्टानों और खनिजों का बाहर आना और गैसों का उत्सर्जन है। उन्होंने कहा कि ये प्राकृतिक घटनाएँ पृथ्वी की भूवैज्ञानिक प्रणाली में अहम भूमिका निभाती हैं।
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उन्होंने आगे कहा, "अगर भूकंप और ज्वालामुखी न हों तो पृथ्वी फट सकती है।" उन्होंने इन्हें पृथ्वी के भीतर संचित विशाल ऊर्जा के लिए एक बड़ा 'मुक्ति मार्ग' बताया।
बिन लअबून ने यह भी कहा कि इन घटनाओं को लेकर जो भी व्याख्याएँ दी जाती हैं, वे वैज्ञानिक प्रयासों तक ही सीमित हैं और इनका घटित होना ईश्वर की इच्छा पर निर्भर करता है।
