लंदन में इस्लामी गठबंधन और ब्रिटेन के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग पर चर्चा
इस्लामी सैन्य गठबंधन ने लंदन में ब्रिटिश अधिकारियों से मुलाकात कर आतंकवाद और डिजिटल कट्टरता से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
मुख्य बिंदु
AIइस्लामी सैन्य गठबंधन के महासचिव मेजर जनरल मोहम्मद बिन सईद मगैदी ने आज लंदन में ब्रिटेन के गृह मंत्रालय और विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से उच्च स्तरीय बैठकें कीं। इन बैठकों में आतंकवाद और कट्टरता के खिलाफ सहयोग मजबूत करने और डिजिटल क्षेत्र में बढ़ते खतरों से निपटने के उपायों पर चर्चा हुई।
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय की आतंकवाद निरोधक निदेशालय की महानिदेशक जेमाइमा मूरी के साथ बैठक में ऑनलाइन कट्टरता के बढ़ते जोखिमों और डिजिटल माहौल में तेजी से आ रहे बदलावों पर चर्चा हुई, जिनका फायदा चरमपंथी संगठन अपने प्रचार और भर्ती के लिए उठा रहे हैं। दोनों पक्षों ने कट्टरता से बचाव के लिए रोकथाम के उपकरण विकसित करने, सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और राष्ट्रीय क्षमताओं के निर्माण की जरूरत पर जोर दिया। इसके अलावा, विचारधारा के स्तर पर कट्टरता की जड़ों को संबोधित करने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई, जिसमें सुरक्षा और सैन्य उपाय भी शामिल हैं।
साझेदारी और अनुभवों का आदान-प्रदान
मेजर जनरल मगैदी ने ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास मंत्रालय के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा निदेशालय के निदेशक थॉमस पेरी और आईएसआईएस विरोधी सेल के प्रमुख मार्टिन वॉर शामिल थे। इस बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी खतरों के विकास, आतंकी संगठनों खासकर आईएसआईएस से निपटने की चुनौतियों और प्रशिक्षण, अनुभव व जानकारी के आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई।
बैठकों के दौरान मेजर जनरल मगैदी ने इस्लामी सैन्य गठबंधन के कार्यक्षेत्र, सदस्य देशों के समर्थन और उनकी जरूरतों के अनुसार क्षमताओं के निर्माण के लिए चलाई जा रही योजनाओं और पहलों की जानकारी दी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों और समन्वित प्रयासों की अहमियत पर जोर दिया, ताकि चरमपंथी संगठनों की बदलती रणनीतियों और डिजिटल तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल से निपटा जा सके।
ब्रिटेन ने गठबंधन के प्रयासों की सराहना की
जेमाइमा मूरी ने सदस्य देशों के समर्थन में गठबंधन की भूमिका की सराहना की और विचारधारा के स्तर पर तथा आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ उसकी पहलों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ये प्रयास आतंकवाद के कारणों को दूर करने और उसके संसाधनों को रोकने में मददगार हैं। बैठकों में दोनों पक्षों के बीच संवाद और अनुभवों के आदान-प्रदान को जारी रखने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने की जरूरत पर सहमति बनी, ताकि आतंकवाद और कट्टरता से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयास और प्रभावी बन सकें।
गौरतलब है कि ये बैठकें इस्लामी सैन्य गठबंधन की अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ बढ़ाने और संबंधित संस्थाओं के साथ सहयोग मजबूत करने की व्यापक कोशिशों का हिस्सा हैं, ताकि सदस्य देशों को समर्थन और उनकी क्षमताओं के विकास में मदद मिल सके और क्षेत्रीय व वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा दिया जा सके।
