किंग अब्दुलअज़ीज़ पब्लिक लाइब्रेरी में सऊदी-फ्रांसीसी सांस्कृतिक साझेदारी
किंग अब्दुलअज़ीज़ पब्लिक लाइब्रेरी में सऊदी-फ्रांसीसी संबंधों पर ऐतिहासिक दस्तावेज़, अनुवाद और दुर्लभ कृतियाँ उपलब्ध हैं, जो दोनों देशों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करती हैं।
मुख्य बिंदु
AIकिंग अब्दुलअज़ीज़ पब्लिक लाइब्रेरी में सऊदी-फ्रांसीसी संबंधों के इतिहास को दर्ज करने वाले महत्वपूर्ण स्रोत और दस्तावेज़ मौजूद हैं। लाइब्रेरी के संग्रह और कैटलॉग में दोनों देशों के बीच किंग अब्दुलअज़ीज़ के दौर से शुरू हुए राजनयिक संबंधों की शुरुआत, फ्रांसीसी दस्तावेज़ों पर आधारित किताबें, शोध और पत्र शामिल हैं, जो 1924 से पहले से शुरू हुए राजनीतिक और आर्थिक संबंधों के विकास को दर्शाते हैं।
लाइब्रेरी में ऐसे कई प्रकाशन भी हैं, जो सऊदी अरब को फ्रांसीसी समाज और इतिहासकारों की नजर से दिखाते हैं, जैसे 'सऊदी अरब फ्रांसीसी नजरों में' और 'अरब प्रायद्वीप: चित्रकारों का बाग' जिसे फ्रांसीसी शोधकर्ता और फोटोग्राफर थियरी मोजे ने लिखा है।
लाइब्रेरी ने अरबी और फ्रांसीसी के बीच अनुवाद के ज़रिए ज्ञान का आदान-प्रदान भी बढ़ाया है। इसमें 'सऊदी अरब की खोज', 'अरबी घोड़े के सामान्य सिद्धांत', 'अरबी घोड़े का इतिहास', फ्रांसीसी विद्वान डॉ. शार्ल सेंट प्रू का 'इस्लाम: सलफियत का भविष्य—क्रांति और पश्चिमीकरण के बीच', 'सऊदी विशेषताएँ और स्थल', रशीद खय्यून की 'इस्लामी सभ्यता में अश्वेतों का योगदान', और थियरी मोजे की 'अरब प्रायद्वीप: चित्रकारों का बाग' सहित कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक किताबों का अनुवाद शामिल है। लाइब्रेरी इन अनुवादों, प्रकाशनों और दुर्लभ फ्रांसीसी कृतियों के ज़रिए सऊदी और अरब सांस्कृतिक विरासत को फ्रांसीसी भाषी दुनिया तक पहुंचा रही है।
बच्चों की संस्कृति के क्षेत्र में भी लाइब्रेरी ने फ्रांसीसी भाषा में कई किताबें प्रकाशित की हैं, जैसे 'सऊदी अरधा', 'यमामा' और 'सऊदी हस्तशिल्प'।
लाइब्रेरी ने प्रिंसेस नूरा यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर बच्चों की कई कहानियों का फ्रांसीसी में अनुवाद किया है, जिनमें 'सऊदी कॉफी के समय' (Hours pour le café saoudien), 'दादी की कहानियाँ', 'हस्तशिल्प', 'हज और उमरा' शामिल हैं, ताकि फ्रांसीसी बोलने वाले बच्चों तक सऊदी परंपरा और विरासत पहुंच सके।
इसके अलावा, लाइब्रेरी की मल्टी-लिंगुअल चिल्ड्रन लाइब्रेरी में कई फ्रांसीसी परिवार और फ्रांसीसी संस्कृति में रुचि रखने वाले लोग आते हैं।
विरासत की झलकियाँ:
किंग अब्दुलअज़ीज़ पब्लिक लाइब्रेरी सऊदी, अरब, इस्लामी और वैश्विक विरासत के संरक्षण में भी अग्रणी है। इसमें क्षेत्र की सबसे बड़ी ऐतिहासिक मानचित्र संग्रहों में से एक है (700 से अधिक मानचित्र, जिनमें कुछ 1482 के हैं)। इनमें सैकड़ों मानचित्र और योजनाएँ हैं, जो पुरानी फ्रांसीसी और अन्य भाषाओं में यूरोपीय मानचित्रकारों ने अरब प्रायद्वीप की भौगोलिक और ऐतिहासिक जानकारी दर्ज करने के लिए बनाई थीं।
लाइब्रेरी के पास फ्रांसीसी भाषा में साहित्य, इतिहास, कला और विज्ञान की सैकड़ों दुर्लभ किताबें हैं, साथ ही फ्रांसीसी साहित्य और संस्कृति पर विभिन्न युगों की रचनाएँ, और उन फ्रांसीसी व यूरोपीय यात्रियों और विद्वानों की किताबें भी हैं, जिन्होंने अरब प्रायद्वीप का दौरा किया और उसका इतिहास दर्ज किया।
पुरस्कार, प्रदर्शनियाँ और दौरे:
फ्रांस की राजधानी पेरिस में, खासकर यूनेस्को मुख्यालय में, 2009 में किंग अब्दुल्ला बिन अब्दुलअज़ीज़ अंतरराष्ट्रीय अनुवाद पुरस्कार का तीसरा संस्करण आयोजित हुआ, जिसमें 23 देशों के 118 कार्य नामित हुए थे।
लाइब्रेरी ने पेरिस में हज पर एक प्रदर्शनी भी आयोजित की, जिसमें बड़ी संख्या में फ्रांसीसी नागरिकों ने भाग लिया और सऊदी अरब द्वारा हर साल लाखों हाजियों की सेवा के लिए किए जा रहे प्रयासों को जाना।
लाइब्रेरी की एक परियोजना, 'अरबी यूनिफाइड कैटलॉग', 2019 से गैर-अरबी सामग्री, जिसमें फ्रांसीसी भी शामिल है, जोड़ने की सुविधा देता है, ताकि विदेशी भाषाओं में प्रकाशित अरब बौद्धिक उत्पादन का रिकॉर्ड रखा जा सके। इसकी वेबसाइट पर फ्रांसीसी सहित कई भाषाओं में ब्राउज़िंग की सुविधा है, जिससे फ्रांसीसी या यूरोपीय शोधकर्ता और पुस्तकालय विशेषज्ञ इस विशाल बिब्लियोग्राफिक डाटाबेस का लाभ उठा सकते हैं।
फ्रांसीसी राजदूत लुडोविक पुई ने 30 मार्च 2021 को रियाद स्थित किंग अब्दुलअज़ीज़ पब्लिक लाइब्रेरी का दौरा किया और 'फ्रांसीसी और लाइब्रेरी के बीच बड़े सहयोग की संभावनाओं' की ओर इशारा किया। उन्होंने लाइब्रेरी की ज्ञानवर्धक भूमिका, लाखों पुस्तकों के संग्रह और विविध सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना की।
इसके अलावा, लाइब्रेरी के पास सऊदी-फ्रांसीसी संबंधों पर कई किताबें और शोध हैं, जैसे डॉ. फैसल अल-मजफल की 'फ्रांसीसी-सऊदी संबंध 1967-2012', डॉ. मुअजब अल-जहरानी की 'सऊदी अरब फ्रांसीसी नजरों में', डॉ. सैयद अहमद यूनुस की 'सऊदी-फ्रांसीसी संबंधों पर एक अध्ययन (1924-1953)', और मोहम्मद अल-हन्नाश की 'फ्रांसीसी लेखन में सऊदी अरब'।
