इहसान को स्वतंत्र गैर-लाभकारी संस्था में बदलने का फैसला
सऊदी व्यापार मंत्रालय ने बताया कि इहसान को स्वतंत्र गैर-लाभकारी संस्था बनाना, दान क्षेत्र की दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी व्यापार मंत्रालय ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय चैरिटी प्लेटफॉर्म 'इहसान' को एक स्वतंत्र गैर-लाभकारी संस्था 'इहसान चैरिटी फाउंडेशन' में बदलने का फैसला किया गया है। यह कदम एक शाही आदेश के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य देश में चैरिटी कार्यों को बढ़ावा देना और गैर-लाभकारी क्षेत्र की दक्षता को मजबूत करना है।
मंत्रालय ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर बताया कि यह बदलाव "गवर्नेंस, स्थिरता और गैर-लाभकारी क्षेत्र में विश्वास को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन" है।
शाही आदेश के अनुसार, 'इहसान' को स्वतंत्र गैर-लाभकारी संस्था के रूप में स्थापित किया गया है, जिसका मकसद दानदाताओं और लाभार्थियों को जोड़ना, संस्था के माध्यम से विभिन्न दान के अवसर उपलब्ध कराना, और व्यक्तियों व कंपनियों को दान देने के लिए सक्षम बनाना है। साथ ही, सरकारी और निजी संस्थाओं के सहयोग से देश के गैर-लाभकारी क्षेत्र की दक्षता को बढ़ाना भी इसका उद्देश्य है।
एक्स पर ट्वीट देखें
इसके अलावा, शाही आदेश के तहत इहसान चैरिटी फाउंडेशन के लिए बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज का गठन किया गया है। इसकी अध्यक्षता डॉ. माजिद बिन अब्दुल्ला अल-कसाबी करेंगे, जबकि उपाध्यक्ष इंजीनियर अहमद बिन सुलेमान अल-राजही होंगे। बोर्ड के सदस्य तीन साल के लिए नियुक्त किए गए हैं, जिसे आगे बढ़ाया जा सकता है। अन्य सदस्यों में डॉ. अब्दुल्ला बिन शरफ अल-गामदी, जनरल अथॉरिटी फॉर अवकाफ के गवर्नर, इंजीनियर अब्दुलरहमान बिन इब्राहिम अल-रुवैता, अदीब बिन अब्दुल्ला अल-जामिल, राजकुमारी नौफ बिन्त मोहम्मद, डॉ. अब्दुलरहमान बिन अब्दुलमोहसिन अल-खलाफ और इमाद बिन अब्दुलकादिर अल-मुहैदिब शामिल हैं।
