यमन ने सऊदी अरब पर हौथी हमलों की कड़ी निंदा की
यमन ने ईरान समर्थित हौथी मिलिशिया द्वारा सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र में नागरिक और आर्थिक प्रतिष्ठानों पर हमलों की कड़ी आलोचना की है।
मुख्य बिंदु
AIयमन गणराज्य ने ईरान समर्थित हौथी मिलिशिया द्वारा सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र में नागरिक और आर्थिक प्रतिष्ठानों तथा ऊर्जा सुविधाओं पर किए गए आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की है। यमन ने इसे सऊदी अरब की सुरक्षा, संप्रभुता, स्थिरता, नागरिकों, निवासियों और राष्ट्रीय संपत्तियों पर खुला हमला बताया है।
यमन के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इन हमलों के स्थानीय और क्षेत्रीय आयाम हैं और यह हौथी मिलिशिया की शत्रुतापूर्ण नीति का विस्तार है, जिसे ईरान से लगातार हथियार, वित्त और सैन्य विशेषज्ञता मिल रही है। इससे न केवल यमन बल्कि पड़ोसी देशों की सुरक्षा और अहम प्रतिष्ठानों को भी खतरा है।
मंत्रालय ने बताया कि सऊदी अरब को निशाना बनाना हौथी मिलिशिया द्वारा यमन के भीतर, खासकर तायिज़ और पश्चिमी तट पर, लगातार बढ़ते हमलों का हिस्सा है। साथ ही, यह बाब अल-मंदब की ओर विस्तार और लाल सागर व समुद्री यातायात की सुरक्षा को खतरे में डालने की उनकी कोशिशों से जुड़ा है। यह बढ़ता तनाव पिछले वर्षों की अपेक्षाकृत शांति को भी कमजोर करता है और यमन से लेकर पड़ोसी देशों व अहम समुद्री मार्गों तक खतरे को बढ़ाता है।
यमन ने दोहराया कि नागरिकों, प्रतिष्ठानों और ऊर्जा सुविधाओं पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार कानून का गंभीर उल्लंघन हैं। यमन के भीतर और सऊदी अरब की धरती पर एक साथ हमले यह दिखाते हैं कि हौथी मिलिशिया के पास ऐसी क्षमताएँ हैं, जिनसे वह अपने हमलों और खतरों का दायरा बढ़ा सकती है।
यमन ने हौथी मिलिशिया और उनके समर्थकों को इन हमलों और उनके परिणामों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हथियार, वित्त और सैन्य विशेषज्ञता की आपूर्ति रोकने और समर्थन देने वालों, खासकर ईरान, के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की है। यमन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों, विशेष रूप से प्रस्ताव 2216, के पालन की भी माँग की है।
मंत्रालय ने कहा कि इस खतरे से निपटने के लिए अस्थायी उपाय या सिर्फ तनाव को नियंत्रित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यमन की राज्य संस्थाओं को मजबूत करना और उन्हें पूरे देश, समुद्र तट और जलसीमा पर नियंत्रण देना जरूरी है, ताकि यमनी भूभाग का इस्तेमाल पड़ोसी देशों और समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में न हो सके।
यमन ने एक बार फिर सऊदी अरब की नेतृत्व, सरकार और जनता के साथ पूर्ण एकजुटता और समर्थन जताया है। यमन ने सऊदी अरब की सुरक्षा, संप्रभुता, नागरिकों, निवासियों और राष्ट्रीय संपत्तियों की रक्षा के लिए उठाए गए सभी कदमों का समर्थन किया है। यमन ने दोहराया कि सऊदी अरब की सुरक्षा, यमन और पूरे क्षेत्र की स्थिरता से जुड़ी है।
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