सऊदी अरब की मेज़बानी में सैन्य प्रमुखों की बैठक से समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा
राजनीतिक विश्लेषक मोहम्मद अल-जुहैनी ने कहा कि सऊदी अरब द्वारा सैन्य प्रमुखों की बैठक की मेज़बानी समुद्री सुरक्षा और समुद्री डकैती रोकने में उसकी भूमिका को मजबूत करती है।
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AIराजनीतिक विश्लेषक मोहम्मद अल-जुहैनी ने कहा कि सऊदी अरब द्वारा सैन्य प्रमुखों की बैठक की मेज़बानी समुद्री सुरक्षा और समुद्री डकैती रोकने में उसकी अहम भूमिका को और मजबूत करती है।
अल-जुहैनी ने एक रेडियो इंटरव्यू में कहा कि यह पहल समुद्री डकैती को सीमित करने में सऊदी अरब की भूमिका को बढ़ाती है और दुनिया भर के लोगों को जान-माल के नुकसान से बचाने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि हॉर्मुज़ में जो कुछ हो रहा है, वह एक खतरनाक मिसाल है, जो समुद्री डकैती के असली मायनों को उजागर करता है। अगर इससे बचाव नहीं किया गया तो ऐसे हालात दुनिया के अन्य बड़े समुद्री मार्गों में भी दोहराए जा सकते हैं।
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को रियाद में सैन्य प्रमुखों और मित्र देशों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि की मौजूदगी में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें सऊदी अरब की बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन की पहल पर चर्चा हुई।
मंत्रालय ने बताया कि बैठक का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना, अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा करना और वैश्विक नौवहन व व्यापार को निशाना बनाने वाले खतरों का मुकाबला करना है।
इस बैठक में 43 देशों के सैन्य प्रमुखों और प्रतिनिधियों के अलावा यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि ने भाग लिया। कुल 51 देशों और संगठनों को आमंत्रित किया गया था। उपस्थित लोगों ने मौजूदा समुद्री खतरों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को एकजुट करने की आवश्यकता पर बल दिया।
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