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रविवार, 11 अक्तूबर 2026 · रियाद
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सऊदी अरब

गुल्फ काउंसिल देशों की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए कस्टम यूनियन और साझा बाजार पर ज़ोर

जासिम मोहम्मद अल-बदिउई ने कहा कि कस्टम यूनियन और साझा बाजार की प्रक्रिया तेज़ करना खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्थाओं की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए अहम है।

अजेल हिंदी48 मिनट पहले · 2 मिनट का पठन
GCC बैठक में खाड़ी देशों के मंत्री

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खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जासिम मोहम्मद अल-बदिउई ने कहा है कि आर्थिक एकीकरण की प्रक्रिया को तेज़ करना, कस्टम यूनियन और साझा खाड़ी बाजार को पूरा करना, परिषद देशों की अर्थव्यवस्थाओं की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और उन्हें वैश्विक बदलावों का सामना करने के लिए मजबूत आधार हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों से सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी। अल-बदिउई ने बताया कि आर्थिक और विकास मामलों की स्थायी तैयारी समिति की भूमिका इन परियोजनाओं की निगरानी और समर्थन में लगातार बढ़ रही है, जो नीतियों, पहलों और व्यावहारिक परियोजनाओं के ज़रिए खाड़ी देशों के बीच आर्थिक एकीकरण को ठोस रूप देती है।

यह बातें उन्होंने आज बहरीन की राजधानी मनामा में खाड़ी सहयोग परिषद के आर्थिक और विकास मामलों की स्थायी तैयारी समिति की दसवीं मंत्री स्तरीय बैठक में कहीं। बैठक की अध्यक्षता बहरीन के वित्त और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था मंत्री शेख सलमान बिन खलीफा अल खलीफा ने की, जो इस सत्र के अध्यक्ष हैं। बैठक में समिति के अन्य मंत्री भी मौजूद रहे।

अल-बदिउई ने अपने संबोधन में कई आर्थिक संकेतकों का हवाला दिया, जो परिषद देशों की अर्थव्यवस्थाओं की मजबूती और विविधीकरण की दिशा में हुई प्रगति को दर्शाते हैं। खाड़ी सांख्यिकी केंद्र के 2025 के आंकड़ों के अनुसार, परिषद देशों का कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) मौजूदा कीमतों पर लगभग 2.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जिससे ये देश संयुक्त रूप से दुनिया की नौवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं। गैर-तेल क्षेत्र का योगदान GDP में लगभग 79% रहा, जो आर्थिक आधार के विविधीकरण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है। परिषद देशों के बीच आपसी व्यापार, यानी आपसी निर्यात का मूल्य 177 अरब डॉलर से अधिक रहा, जो 2007 की तुलना में 125% की वृद्धि है। यह साझा खाड़ी बाजार की अहमियत को दर्शाता है। इसी तरह, आपसी निवेश का आंकड़ा 171 अरब डॉलर से अधिक रहा, जो परिषद देशों में आने वाले कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का 21% से ज्यादा है।

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