यमनी कृषि और जल मंत्रियों ने कहा: किंग सलमान केंद्र की मदद से मछुआरों की आजीविका बेहतर
यमन के कृषि और जल मंत्रियों ने किंग सलमान राहत केंद्र द्वारा मछली पालन क्षेत्र में किए जा रहे सऊदी प्रोजेक्ट्स का जायज़ा लिया।
मुख्य बिंदु
AIयमन के कृषि, सिंचाई और मत्स्य संपदा मंत्री सालेम अब्दुल्ला अल-सकतरी और जल एवं पर्यावरण मंत्री तौफीक अल-शरजबी ने कल सऊदी अरब द्वारा किंग सलमान राहत और मानवीय कार्य केंद्र के माध्यम से मछली पालन क्षेत्र में चलाए जा रहे परियोजनाओं का जायज़ा लिया। ये परियोजनाएँ महरा प्रांत के हसवीन ज़िले में कृषि और मत्स्य क्षेत्र की स्थायी विकास और सशक्तिकरण परियोजना के तहत चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य यमन में लोगों की जीवन क्षमता को बढ़ाना है।
मंत्रियों ने परियोजना के बारे में जानकारी ली, जिसमें तूफानों और बाढ़ से प्रभावित मछुआरों को इंजन लगे मछली पकड़ने की नावें वितरित करना शामिल है, ताकि वे फिर से अपना काम शुरू कर सकें और अपनी आय के स्रोत वापस पा सकें।
दोनों मंत्रियों ने किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को, खासतौर पर किंग सलमान राहत केंद्र द्वारा यमन और विशेष रूप से महरा प्रांत को दी जा रही मदद के लिए धन्यवाद और सराहना जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र की यह सहायता मछुआरों की आजीविका सुधारने, उन्हें आर्थिक रूप से फिर से सक्रिय करने और जलवायु आपदाओं में नावें खोने के बाद उनकी बुनियादी ज़रूरतें पूरी करने में मदद करेगी।
गौरतलब है कि इस परियोजना के तहत 90 इंजन वाली मछली पकड़ने की नावें और 150 सुरक्षा किट वितरित की जाएंगी, जिनसे हद्रमौत, महरा और सोकोत्रा प्रांतों के 150 मछुआरों को लाभ मिलेगा। इसका उद्देश्य मछुआरों की आजीविका सुधारना, उनके लिए नई आमदनी के रास्ते खोलना और उन्हें सुरक्षित व अधिक उत्पादक मछली पकड़ने के लिए सक्षम बनाना है।
