ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया तहरीर की महज़ एक औज़ार: अरब लीग के पूर्व अधिकारी
अरब लीग के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी डॉ. खालिद अल-हब्बास ने कहा कि इराक की ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा सऊदी अरब पर हमला असामान्य है, खासकर मौजूदा हालात में।
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अरब लीग के पूर्व राजनीतिक मामलों के सहायक महासचिव डॉ. खालिद अल-हब्बास ने कहा है कि इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा सऊदी अरब पर किया गया हमला 'अजीब' है, खासकर इसके समय को देखते हुए, जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम है और अमेरिकी हमले रुके हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में सभी स्तरों पर शांति की उम्मीद थी।
डॉ. हब्बास ने 'अरबिया एफएम' से बातचीत में कहा कि इराक, यमन और क्षेत्र की ईरान समर्थित मिलिशिया 'तेहरान के हाथों में महज़ एक औज़ार' हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यह हमला ईरान की उस नीति का हिस्सा है, जो 'पड़ोसी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान नहीं करती'। उन्होंने ज़ोर दिया कि ईरान इस तरह की कार्रवाइयों को 'दबाव के औज़ार' के रूप में इस्तेमाल करता है।
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इसी संदर्भ में, रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने बताया कि सऊदी वायु रक्षा ने ड्रोन को मार गिराया और स्पष्ट किया कि हमले की कोशिशें इराकी ज़मीन से हुई थीं।
अल-मालिकी ने कहा कि ये आतंकी प्रयास ईरान समर्थित आतंकी मिलिशिया ने किए। उन्होंने सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार और उचित समय व स्थान पर जवाब देने के अधिकार को दोहराया।
