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सोमवार, 17 अगस्त 2026 · रियाद
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सऊदी अरब

विश्लेषक: सऊदी अरब ने यमनी एकता और आंतरिक मोर्चा मजबूत किया

राजनीतिक विश्लेषक डॉ. फारिस अल-बैल ने यमन में हालिया राजनीतिक बदलावों और सऊदी अरब की भूमिका पर प्रकाश डाला।

अजेल हिंदी48 मिनट पहले · 1 मिनट का पठन
यमनी सेना और सऊदी समर्थन पर चर्चा करते विश्लेषक

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राजनीतिक विश्लेषक डॉ. फारिस अल-बैल ने यमन में हालिया राजनीतिक बदलावों और मौजूदा हालात के साथ-साथ सऊदी अरब की भूमिका पर प्रकाश डाला, जिसने देश के आंतरिक मोर्चे को मजबूत किया है।

बैल ने 'इख़बारिया रेडियो' पर बातचीत में कहा कि यमन अब परिपक्वता के दौर में प्रवेश कर रहा है। बीते वर्षों में राजनीतिक, सैन्य, वार्तात्मक और मानवीय रास्ते आपस में उलझे रहे, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की यमन को लेकर दृष्टि धुंधली रही।

उन्होंने आगे कहा कि इस स्थिति के चलते संयुक्त राष्ट्र और मध्यस्थों के जरिए अधूरी रणनीतियाँ बनाई गईं, जिससे यमन की स्थिति और जटिल हुई। इसका फायदा उठाकर हौथी मिलिशिया ने अंतरराष्ट्रीय नियमों और वैधता को चुनौती दी और अपनी सैन्य ताकत बढ़ाई।

बैल ने बताया कि हौथी मिलिशिया अब तक यमन के अंदरूनी मतभेदों पर निर्भर थी, लेकिन पिछले दिसंबर से सऊदी अरब के समर्थन के बाद 'यमनी घर' को एकजुट किया गया है। इससे आंतरिक मोर्चा मजबूत हुआ, सैन्य निर्णय एकजुट हुए और अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय हौथी मिलिशिया को यमन के राजनीतिक भविष्य का साझेदार मानने को तैयार नहीं है।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में हौथी मिलिशिया ने वैधता और यमनी जनता को चुनौती देते हुए महत्वपूर्ण ठिकानों और मोखा बंदरगाह को निशाना बनाया और देश की अर्थव्यवस्था व हितों को प्रभावित करने की कोशिश की, जिसका यमनी सेना ने हर मोर्चे पर जवाब दिया।

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