अल-हफर अल-अरबिया को 2026 की दूसरी तिमाही में 31.5 मिलियन रियाल का घाटा
अल-हफर अल-अरबिया ने 2026 की दूसरी तिमाही में 31.5 मिलियन सऊदी रियाल का घाटा दर्ज किया, जो पिछले साल इसी अवधि में हुए मुनाफे के मुकाबले है।
मुख्य बिंदु
AIअल-हफर अल-अरबिया कंपनी ने 2026 की दूसरी तिमाही में 31.5 मिलियन सऊदी रियाल का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जबकि 2025 की इसी तिमाही में कंपनी को 7.5 मिलियन रियाल का मुनाफा हुआ था।
कंपनी ने बताया कि मौजूदा तिमाही में घाटे का मुख्य कारण राजस्व में 11.34% की गिरावट है, जो 2025 की दूसरी तिमाही की तुलना में दर्ज की गई। इसका कारण ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म के परिचालन दर में गिरावट है, जो 79% से घटकर 72% रह गई। कंपनी ने यह भी बताया कि इस गिरावट की आंशिक भरपाई गैर-पारंपरिक ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म और नई समुद्री सेवा प्लेटफॉर्म से हुई आय से हुई।
इसी संदर्भ में, कंपनी ने यह भी बताया कि लागत सुधार पहलों के चलते प्रशासनिक खर्चों में कमी आई है, लेकिन यह राजस्व में आई गिरावट की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं रही।
पिछली तिमाही से तुलना
कंपनी ने दूसरी तिमाही में हुए घाटे का कारण पहली तिमाही की तुलना में 6.92% की राजस्व में कमी को बताया, जिसका मुख्य कारण कुछ समुद्री ड्रिलिंग कार्यों का अस्थायी निलंबन है, जिसकी कुल राशि 122 मिलियन रियाल रही। कंपनी ने स्पष्ट किया कि इस प्रभाव की आंशिक भरपाई भूमि ड्रिलिंग क्षेत्र में 47 मिलियन रियाल के बेहतर परिचालन प्रदर्शन और खाड़ी सहयोग परिषद देशों में परिचालन से 18 मिलियन रियाल की पूरी तिमाही की आय से हुई।
2026 की दूसरी तिमाही में परिचालन लाभ 19 मिलियन रियाल रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 67 मिलियन रियाल था, यानी 72% की गिरावट। मौजूदा अवधि में शुद्ध घाटा 24.5 मिलियन रियाल रहा, जबकि 2025 की इसी अवधि में कंपनी को 83 मिलियन रियाल का मुनाफा हुआ था।
