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वाडी जाज़ान बांध: 50 वर्षों से कृषि और जल विकास का आधार

वाडी जाज़ान बांध पिछले पांच दशकों से क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण और कृषि को समर्थन दे रहा है, साथ ही इसकी दक्षता बढ़ाने के लिए नए विकास कार्य भी जारी हैं।

अजेल हिंदी44 मिनट पहले · 2 मिनट का पठन
वाडी जाज़ान बांध और उसकी झील का दृश्य

मुख्य बिंदु

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वाडी जाज़ान बांध, जिसे पांच दशक पहले बनाया गया था, आज भी क्षेत्र में बाढ़ के पानी को नियंत्रित करने और कृषि व जल संसाधन विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। यह बांध, जिसका निर्माण 1967 में शुरू हुआ और 1971 में उद्घाटन हुआ, जाज़ान क्षेत्र की जल प्रबंधन प्रणाली का मुख्य हिस्सा है।

बांध की लंबाई 316 मीटर और ऊँचाई 37.80 मीटर है, जबकि इसकी जल भंडारण क्षमता 54.2 मिलियन घन मीटर है। इसके निर्माण के बाद से ही इसने वाडी जाज़ान में पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने, बाढ़ के खतरे को कम करने, कृषि भूमि की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने और भूजल पुनर्भरण में मदद की है।

बांध की दक्षता बढ़ाने के लिए विकास परियोजनाएँ

फिलहाल बांध परिसर में कई परियोजनाएँ चल रही हैं, जिनका उद्देश्य इसकी संरचना का जीर्णोद्धार, झील से गाद हटाना और नियमित रखरखाव है। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 116,524,000 सऊदी रियाल है, जिसमें 15,137,000 रियाल जीर्णोद्धार के लिए, 85,302,000 रियाल गाद हटाने के लिए और 16,085,000 रियाल संचालन व रखरखाव के लिए हैं।

झील से गाद हटाना उसकी भंडारण क्षमता बनाए रखने के लिए जरूरी है, क्योंकि जमा हुई गाद जलाशयों की क्षमता को प्रभावित करती है। वहीं, जीर्णोद्धार और रखरखाव से बांध की तैयारियों में सुधार होता है और वह जल प्रवाह का बेहतर प्रबंधन कर पाता है।

लगातार पर्यावरणीय और विकासात्मक प्रभाव

बांध का असर पर्यावरण पर भी पड़ा है। इसकी झील ने क्षेत्र में वनस्पति वृद्धि और जीव-जंतुओं व पक्षियों के लिए आवास उपलब्ध कराए हैं, जिससे इलाके को एक नया पर्यावरणीय और सौंदर्यात्मक आयाम मिला है। यह बांध जल संसाधनों के प्रबंधन का एक शुरुआती उदाहरण है, जिसमें मौसमी बाढ़ के पानी को नियंत्रित कर कृषि और स्थानीय समुदायों को लाभ पहुंचाया गया है।

निरंतर रखरखाव और जीर्णोद्धार के साथ, वाडी जाज़ान बांध क्षेत्र में कृषि और जल विकास की मजबूत नींव बना हुआ है और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी इसका लाभ जारी रहेगा।

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