मानव संसाधन विकास कोष ने 16,000 से अधिक नागरिकों के लिए 26 साझेदारियाँ कीं
मानव संसाधन विकास कोष ने 2026 की शुरुआत से 26 अहम साझेदारियाँ कर 16,000 से अधिक सऊदी नागरिकों के प्रशिक्षण, योग्यता और रोजगार का मार्ग प्रशस्त किया है।
मुख्य बिंदु
AIमानव संसाधन विकास कोष ने सऊदी श्रम बाजार को समर्थन देने की दिशा में 2026 की शुरुआत से जुलाई के अंत तक विभिन्न आर्थिक और विकास क्षेत्रों की संस्थाओं के साथ 26 अहम साझेदारियाँ की हैं। इन साझेदारियों का उद्देश्य उद्योग, परिवहन और लॉजिस्टिक्स, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, खेल, स्वास्थ्य, मीडिया, शिक्षा, निर्माण और गैर-लाभकारी क्षेत्रों में 16,000 से अधिक सऊदी नागरिकों को प्रशिक्षित, योग्य और रोजगार दिलाना है।
कोष ने स्पष्ट किया कि यह कदम श्रम बाजार में आ रहे तेज बदलावों और नई, उभरती विशेषज्ञताओं में राष्ट्रीय प्रतिभाओं की बढ़ती जरूरतों के मद्देनज़र उठाया गया है। लक्षित कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक, आपूर्ति श्रृंखला, ई-कॉमर्स, बंदरगाह संचालन, विमानन और हवाईअड्डा तकनीक, डिजिटल मीडिया, पर्यटन और आतिथ्य, औद्योगिक रखरखाव, व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य, और तकनीकी स्वास्थ्य विशेषज्ञताएँ शामिल हैं।
कौशल विकास में नया दृष्टिकोण
इसी संदर्भ में कोष ने बताया कि ये साझेदारियाँ कौशल विकास के समर्थन की कार्यप्रणाली में बदलाव को दर्शाती हैं, जहाँ प्रशिक्षण को एक स्वतंत्र लक्ष्य मानने के बजाय उसे श्रम बाजार की वास्तविक मांग से जोड़ा गया है। इसके तहत नियामक एजेंसियों, संगठनों और नियोक्ताओं को आवश्यकताओं और कौशल की पहचान तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के डिजाइन में शामिल किया गया है, जिससे राष्ट्रीय प्रतिभाएँ प्रशिक्षण से सीधे अर्थव्यवस्था की जरूरतों से जुड़े पेशेवर मार्गों तक पहुँच सकें।
मानव पूंजी में निवेश
इन विशिष्ट साझेदारियों के लिए लगभग 1.96 अरब सऊदी रियाल का समर्थन आवंटित किया गया है, जो सऊदी मानव पूंजी में निवेश की व्यापकता को दर्शाता है। कोष का उद्देश्य अपनी संसाधनों को ऐसे कार्यक्रमों की ओर निर्देशित करना है, जो सीधे श्रम बाजार की जरूरतों से जुड़े हों, ताकि प्रशिक्षण पर खर्च की दक्षता बढ़े और आर्थिक-सामाजिक लाभ अधिकतम हो सके।
गौरतलब है कि ये साझेदारियाँ मानव पूंजी की जरूरतों का पूर्वानुमान लगाकर प्रशिक्षण निवेश को उन क्षेत्रों में केंद्रित करती हैं, जहाँ तेज़ी से विकास और बदलाव हो रहा है, जिससे राष्ट्रीय प्रतिभाएँ श्रम बाजार की चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।
