रूस में बैंकों से भारी निकासी, विशेषज्ञ ने बताए कारण और संभावित कदम
रूस के बैंकों से अगस्त के दो हफ्तों में 286 अरब की बड़ी निकासी हुई है। विशेषज्ञ ने इसे जमाकर्ताओं की एहतियाती कार्रवाई बताया और कहा कि केंद्रीय बैंक बाजार को स्थिर करने के लिए नकदी बढ़ाने और ब्याज दरें बढ़ाने जैसे कदम उठा सकता है।
मुख्य बिंदु
AIअर्थशास्त्र और वैश्विक वित्तीय बाजारों के प्रोफेसर डॉ. जिहाद हकीम ने बताया कि रूस में जमाकर्ताओं ने अगस्त के सिर्फ दो हफ्तों में करीब 286 अरब की राशि बैंकों से निकाली है। उन्होंने इसे जमाकर्ताओं की एहतियाती प्रवृत्ति बताया।
हकीम ने रेडियो 'अरबिया एफएम' से बातचीत में कहा कि इन निकासी के असली कारणों को समझना जरूरी है। उन्होंने बताया कि रूसी केंद्रीय बैंक के मुताबिक, ये निकासी काफी हद तक सामान्य हैं, जिनकी वजह इंटरनेट सेवाओं में रुकावट, कुछ इलेक्ट्रॉनिक भुगतान में दिक्कतें और मौसमी कारण हैं।
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उन्होंने कहा कि रूसी केंद्रीय बैंक निकासी पर पाबंदी लगाने से पहले कई कदम उठा सकता है, जैसे बाजार में नकदी डालना ताकि जमाकर्ताओं की चिंता कम हो और बैंकिंग क्षेत्र में भरोसा बना रहे।
उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय बैंक इसके बाद ब्याज दरें बढ़ा सकता है, जिससे लोग अपनी जमा राशि लंबे समय तक बैंकों में रखें और निकासी की रफ्तार कम हो।
हकीम ने जोर दिया कि निकासी की इस लहर से निपटने के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं, जो धीरे-धीरे जमाकर्ताओं को आश्वस्त करें और बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता बनाए रखें, इससे पहले कि कोई सख्त पाबंदी लगाई जाए।
