सऊदी चैंबर्स संघ और दिवालियापन समिति में समझौता
सऊदी चैंबर्स संघ और दिवालियापन समिति 'ईसार' ने रियाद में समझौता किया, जिससे निजी क्षेत्र की कंपनियों को वित्तीय संकट की शुरुआती पहचान और उससे निपटने में मदद मिलेगी।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी चैंबर्स संघ और दिवालियापन समिति 'ईसार' ने रियाद में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच सहयोग को मजबूत करना है, ताकि शुरुआती चेतावनी पहल को समर्थन मिले और निजी क्षेत्र की कंपनियाँ वित्तीय संकट के संकेतों को समय रहते पहचान सकें और उनका समाधान कर सकें। इससे कारोबार की स्थिरता और कारोबारी माहौल की दक्षता बढ़ेगी।
समझौता ज्ञापन का फोकस दिवालियापन प्रणाली और उसकी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने, अध्ययन, शोध और सर्वेक्षण तैयार करने, जागरूकता कार्यक्रम विकसित करने, अनुभव साझा करने और क्षमताओं के निर्माण पर है। साथ ही, देशभर में निजी क्षेत्र की कंपनियों तक पहुँचने के लिए चैंबर्स नेटवर्क का लाभ उठाया जाएगा।
सऊदी चैंबर्स संघ की ओर से महासचिव इंजीनियर सुल्तान बिन मोहम्मद अल मुसलम और दिवालियापन समिति 'ईसार' की ओर से महासचिव अब्दुल्ला बिन साद अल मुगीरा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
दिवालियापन समिति के महासचिव ने बताया कि यह समझौता दोनों पक्षों के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने कहा कि शुरुआती चेतावनी पहल का मकसद कंपनियों को वित्तीय संकट के शुरुआती संकेतों की पहचान और समय रहते उचित कदम उठाने में मदद करना है, ताकि उनका कारोबार जारी रहे और उनकी आर्थिक कीमत बनी रहे।
कारोबार की स्थिरता और दक्षता बढ़ाने पर जोर
उन्होंने यह भी कहा कि दिवालियापन प्रणाली अब कंपनियों की स्थिरता, कारोबारी माहौल की दक्षता और निवेशकों के भरोसे को बढ़ाने का एक अहम कानूनी साधन बन गई है, जो सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों के अनुरूप है।
वहीं, सऊदी चैंबर्स संघ के महासचिव इंजीनियर सुल्तान बिन मोहम्मद अल मुसलम ने कहा कि यह समझौता निजी क्षेत्र को समर्थन देने और कंपनियों को कारोबार की स्थिरता के लिए कानूनी साधनों का लाभ उठाने में सक्षम बनाने के संघ के संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि दिवालियापन समिति 'ईसार' के साथ सहयोग से दिवालियापन प्रणाली के प्रति जागरूकता, जागरूकता कार्यक्रमों का विकास और क्षमताओं का निर्माण होगा। साथ ही, चैंबर्स नेटवर्क के जरिए देशभर की कंपनियों तक पहुँचना संभव होगा, जिससे वे आर्थिक चुनौतियों से निपटने और समय पर सही फैसले लेने के लिए तैयार रहेंगी।
गौरतलब है कि यह समझौता दोनों पक्षों की साझेदारी, शुरुआती चेतावनी पहल के क्रियान्वयन और निजी क्षेत्र की कंपनियों को कारोबार की निरंतरता के लिए सुरक्षा साधनों का लाभ दिलाने के प्रयासों का हिस्सा है, जिससे कारोबारी माहौल की दक्षता और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जो सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक है।
